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सरगुजा में नौकरी के नाम पर ठगी के दो मामले, युवकों से 4.02 लाख रुपये ऐंठे

सरगुजा संभाग में सरकारी और अर्धसरकारी नौकरियों का झांसा देकर बेरोजगार युवकों को अपना शिकार बनाने वाले ठगों का गिरोह सक्रिय है। अंबिकापुर और पड़ोसी जिले बलरामपुर से ठगी के दो अलग-अलग सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, जहां आरोपियों ने ऊंचे पद, मोटी सैलेरी और फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर का मायाजाल बुनकर पीड़ितों से कुल 4 लाख 2 हजार रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली। दोनों ही मामलों में संबंधित थानों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पहला मामला अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहां टाटा कंपनी में इंश्योरेंस का काम करने वाले सोनू पाण्डेय को आरोपी हरि कुजूर ने ‘सपोर्ट इंडिया डेवलपमेंट प्रोग्राम’ नामक योजना के तहत ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) के पद पर नौकरी लगवाने का लालच दिया। आरोपी ने 66 हजार रुपये महीना वेतन दिलाने का वादा किया और विश्वास जीतने के लिए अन्य लोगों के फर्जी पेमेंट प्रूफ दिखाए।

झांसे में आकर सोनू पाण्डेय ने PhonePe के जरिए 2 लाख रुपये आरोपी को ट्रांसफर कर दिए। महीनों बीतने के बाद जब न नौकरी मिली और न वेतन, तो पीड़ित के दबाव बनाने पर आरोपी ने एक चेक थमा दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। पैसे लौटाने से इंकार करने पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी हरि कुजूर के खिलाफ BNS की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज किया है।

वहीं दूसरा मामला बलरामपुर जिले के चलगली थाना क्षेत्र का है, जहां रिश्ते के ही एक भांजे ने अपने किसान मामा को शिकार बना लिया। ग्राम कड़िया निवासी किसान रामऔतार से उसके रिश्ते के भांजे आशीष सिंह (निवासी सरस्वतीपुर) ने नौकरी लगवाने के नाम पर दस्तावेज और ऑनलाइन फॉर्म के बहाने 2 लाख 2 हजार रुपये ऐंठ लिए।

आरोपी ने फिनो पेमेंट बैंक बारकोड और PhonePe के माध्यम से अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन पैसे लिए तथा 1 लाख रुपये नकद वसूले। मामा को गुमराह करने के लिए आरोपी भांजे ने व्हाट्सएप पर फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा और नोडल अधिकारी के नाम पर अतिरिक्त पैसे ठग लिए।

बाद में जब नौकरी नहीं मिली और पैसे मांगने पर भांजा घर से भागने लगा, तो पीड़ित किसान ने थाने में गुहार लगाई। पुलिस ने आरोपी आशीष सिंह के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अंबिकापुर मामले में आरोपी हरि कुजूर ने सोनू पाण्डेय को BDO पद और 66 हजार रुपये वेतन का लालच दिया। 2 लाख रुपये PhonePe से लेने के बाद टालमटोल की और फर्जी बाउंस चेक थमा दिया। वहीं बलरामपुर मामले में आरोपी आशीष सिंह ने अपने किसान मामा रामऔतार से ऑनलाइन फॉर्म के नाम पर पहले किस्तें लीं, फिर फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर भेजकर नोडल अफसर के नाम पर कुल 2.02 लाख रुपये ठग लिए।

दोनों ही मामलों में ठगी का अहसास होने पर जब पीड़ितों ने पैसे मांगे, तो आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क तोड़ लिया। पीड़ितों की शिकायत, बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड व फर्जी कागजातों के आधार पर अंबिकापुर और चलगली पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

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