अपराधियों की धरपकड़ के लिए तीन राज्यों की पुलिस साझा करेगी सूची, जशपुर में बनी संयुक्त कार्रवाई की रणनीति

जशपुर में 03 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती जिलों के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय बार्डर मीटिंग आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों, गांजा तस्करी, गौ तस्करी, अवैध धान परिवहन और आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना था। बैठक में डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह सहित पुलिस और जिला प्रशासन के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, मादक पदार्थों और अन्य सामग्रियों की तस्करी रोकने, अवैध धान एवं खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने तथा अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, तीनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील जशपुर जिला झारखंड और ओडिशा सहित छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों से जुड़ा हुआ है। इन क्षेत्रों में अपराधियों की आवाजाही, अवैध गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, गौ-तस्करी, अवैध खनिज परिवहन तथा धान की अवैध खरीदी एवं परिवहन जैसी गतिविधियों की रोकथाम के लिए सीमावर्ती थाना एवं चौकी क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थानों तथा अंतरराज्यीय चेकपोस्ट का विस्तृत परीक्षण किया गया।

अवैध गांजा एवं मादक पदार्थों की तस्करी पर रोकथाम के लिए ओडिशा और छत्तीसगढ़ राज्य के मध्य हो रही गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। ओडिशा राज्य से तस्करों द्वारा गांजा की तस्करी कर अन्य जिलों एवं राज्यों में ले जाने की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ओडिशा के सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों द्वारा अधिक से अधिक चेकपोस्ट स्थापित कर आने-जाने वाले वाहनों की सघन एवं बारीकी से जांच करने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, गांजा तस्करों का डेटाबेस तैयार करने, तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों की जानकारी अन्य जिलों के साथ साझा करने तथा उनके विरुद्ध समन्वित कार्रवाई करने की रणनीति बनाई गई।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने पर भी अधिकारियों ने चर्चा की। इसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त चेकपोस्ट एवं नाकाबंदी स्थल स्थापित कर आने-जाने वाले वाहनों तथा संदिग्ध व्यक्तियों की बारीकी से जांच करने और संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने पर जोर दिया गया। नियमित चेकिंग एवं प्रभावी निगरानी व्यवस्था के माध्यम से अवैध तस्करी के संभावित मार्गों को अवरुद्ध करने की रणनीति भी तैयार की गई।

स्थायी वारंटियों एवं अपराधियों की धरपकड़ के लिए सीमावर्ती जिलों के निगरानी बदमाशों, माफियाओं, गुंडा-बदमाशों एवं स्थायी वारंटियों की सूची व्हाट्सएप के माध्यम से एक-दूसरे के साथ साझा करने तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने पर सहमति बनी। अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने, उनकी वर्तमान लोकेशन एवं आपराधिक गतिविधियों की जानकारी साझा करने तथा दूसरे राज्य में निवासरत अपराधियों की धरपकड़ के लिए आपसी सहयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, झारखंड राज्य से संबंधित 231 तथा ओडिशा राज्य से संबंधित 40 व्यक्तियों की सूची का विवरण प्रस्तुत किया गया। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में बलरामपुर के 10, सरगुजा के 76 एवं रायगढ़ के 34 व्यक्तियों की सूची का विवरण भी साझा किया गया, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जानी है।





