राजधानी में बिजली बिल बकायादारों पर सख्ती, 36 सरकारी दफ्तरों के कनेक्शन काटे गए


राजधानी में बिजली बिल के बकायादारों के खिलाफ बिजली कंपनी ने कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। अब तक 1.73 करोड़ रुपए बकाया वाले 36 सरकारी दफ्तरों की बिजली काटी जा चुकी है। निजी घरों, संस्थानों, कंपनियों और उद्योगों पर भी करीब 5 करोड़ रुपए बकाया है। इन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं।
नगर निगम के जोन दफ्तर, रजिस्ट्री ऑफिस, बस स्टैंड और सामुदायिक भवन समेत कई सरकारी जगहों पर कार्रवाई हो चुकी है। कार्रवाई का असर यह है कि 1 सितंबर से अब तक 237 सरकारी कनेक्शन वालों ने 1.28 करोड़ रुपए जमा किए हैं।
सर्किल-1 में तीन हजार से ज्यादा सरकारी भवन हैं। इनमें 322 ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। अगले सप्ताह इनके कनेक्शन काटने की तैयारी है। सर्किल-2 में भी बिल नहीं देने वाले 119 सरकारी विभाग कार्रवाई के दायरे में हैं। लिखित में भुगतान का भरोसा देने वालों को फिलहाल मोहलत दी जा रही है।
कंपनी हर सप्ताह 20 से 25 बकायादारों को नोटिस देकर 7 से 14 दिन का समय दे रही है। 30 सितंबर के बाद कार्रवाई और तेज की जाएगी। बकाया जमा नहीं करने वाले पांच से दस सरकारी दफ्तरों में रोज बिजली कंपनी की टीम पहुंच रही है। कार्रवाई शुरू होते ही आला अफसरों के फोन भी आते हैं। टीम लिखित में भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद ही लौट रही है।
मुख्यालय से निर्देश हैं कि बकाया रखने वाले कनेक्शन बिना भुगतान या तय प्रक्रिया के जारी नहीं रखे जाएं। उद्योग और निजी कंपनियां भी निशाने पर हैं। अब स्मार्ट मीटर से सीधे डिस्कनेक्शन प्राइवेट, व्यावसायिक और औद्योगिक बकायादारों के खिलाफ भी कार्रवाई चल रही है। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की नोटिस अवधि खत्म होने पर कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए जा रहे हैं।
उरला, भनपुरी, रावांभाटा और सिलतरा के औद्योगिक बकायादारों से भी वसूली हुई है। अफसरों के अनुसार पुराने बकायादार अब तक 5 करोड़ रुपए से ज्यादा बिल जमा कर चुके हैं। कंपनी का कहना है कि नोटिस अवधि पूरी होने के बाद भुगतान नहीं करने वाले निजी और औद्योगिक कनेक्शनों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।
कनेक्शन काटने का नियम यह है कि नोटिस अवधि खत्म होते ही कनेक्शन काट दिए जाते हैं। सरकारी, निजी और औद्योगिक सभी बकायादारों को संबंधित सर्किल से लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। नोटिस अवधि खत्म होने के बाद कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं।
कार्यपालन अभियंता, सीएसपीडीसीएल संजीव सिंह ने बताया कि सरकारी, निजी और औद्योगिक सभी बकायादारों को संबंधित सर्किल से लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं और नोटिस अवधि खत्म होने के बाद कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं।




