नेटवर्क मार्केटिंग में फंसे युवाओं छुड़ाया गया:बलौदाबाजार के 11 युवा झांसी से लौटे, जिला प्रशासन का जताया आभार

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बलौदाबाजार जिले के 11 युवा उत्तर प्रदेश के झांसी में एक नेटवर्क मार्केटिंग फर्म के जाल में फंस गए थे। कलेक्टर कुलदीप शर्मा की त्वरित कार्रवाई और प्रशासनिक सूझबूझ से इन युवाओं को ठेकेदार के चंगुल से मुक्त कराकर उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया गया है। घर वापसी के बाद इन युवाओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कुलदीप शर्मा से भेंट की और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। कलेक्टर ने उन्हें सलाह दी कि रोजगार के लिए बाहर जाने से पहले संबंधित कंपनी और ठेकेदार की पूरी जानकारी अवश्य लें। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत गोगिया और चमारी के सरपंच शिव कुमार गोयल ने कलेक्टर को एक शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें बताया गया था कि उनके पंचायत के युवा गजेंद्र बंजारे, हुसैन घृतलहरे और तीन अन्य सहित कुल 11 युवाओं को झांसी जिले के मऊरानी निवासी दिनेश धुवी और रामदेव साहू ने नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर बुलाया था। ठेकेदारों पर मारपीट और बंधक बनाने का आरोप पत्र में यह भी आरोप लगाया गया था कि ठेकेदारों की ओर से युवाओं के साथ मारपीट की जाती थी और उन्हें घर वापस नहीं जाने दिया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने अपने बैचमेट और झांसी के कलेक्टर मृदुल चौधरी से संपर्क कर पूरे मामले से अवगत कराया। कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई और टीम गठन इसके साथ ही उन्होंने बलौदाबाजार के श्रम पदाधिकारी और थाना भाटापारा (ग्रामीण) की एक संयुक्त टीम का गठन किया। झांसी प्रशासन के एसडीएम और पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और सभी युवाओं को सुरक्षित मुक्त कराकर उन्हें उनके गृह जिले रवाना किया। 200 युवाओं को जाल से मुक्त कराया गया बता दें है कि इस अभियान में झांसी प्रशासन ने अलग-अलग राज्यों के लगभग 200 युवाओं को नेटवर्क मार्केटिंग के इस जाल से आज़ाद कराया। इनमें छत्तीसगढ़ के करीब 35 युवा शामिल थे, जिनमें बलौदाबाजार जिले के ये 11 युवा भी सम्मिलित थे।
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