MP के बाद छत्तीसगढ़ में भी बढ़ेगा बसों का किराया! बस संचालकों ने परिवहन विभाग को सौंपा 20% वृद्धि का प्रस्ताव

डीजल की मूल्य में लगातार वृद्धि होने के कारण संचालकों ने मांग रखी कि यात्री किराया डीजल के मूल्य में कमी या वृद्धि के साथ घटने-बढ़ने का स्थायी कानून ब …और पढ़ें

HighLights
- रायपुर में किराया वृद्धि को लेकर परिवहन विभाग की हुई बैठक
- डीजल की कीमतों के आधार पर स्थायी कानून बनाने की मांग
- बस संचालकों को परिवहन विभाग ने दिए 10 अहम निर्देश
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश में यात्री बसों के किराए में जल्द बढ़ोतरी होने की संभावना है। बस संचालकों ने परिवहन विभाग को किराए में 20 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव सौंपा है। इसके साथ ही उन्होंने डीजल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के अनुसार बस किराए को स्वतः समायोजित करने के लिए स्थायी कानून बनाने की मांग भी की है।
संचालन लागत में वृद्धि और किराया कानून की मांग
परिवहन विभाग के अधिकारियों और बस संचालकों के बीच सोमवार को हुई बैठक में बस संचालन से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों पर चर्चा की गई। बस संचालकों ने अधिकारियों को बताया कि राज्य सरकार द्वारा अंतिम बार वर्ष 2021 में यात्री किराए में वृद्धि की गई थी। इसके बाद से संचालन लागत में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे बस व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।

अखिल भारतीय पर्यटक परमिट पर सख्त रुख
बैठक में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट वाली बसों के संचालन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि पर्यटक परमिट प्राप्त वाहनों का स्टेज कैरिज (यात्री बस) के रूप में संचालन नियमों के विरुद्ध है और ऐसा पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने बस संचालकों को संचालन संबंधी दस महत्वपूर्ण निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

विभाग के ये हैं कुछ निर्देश
- प्रत्येक स्टेज कैरिज में क्षमता का 25 प्रतिशत महिला यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा। दिव्यांगों के लिए न्यूनतम तीन सीटें आरक्षित रहेंगी। चढ़ने-उतरने के लिए आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
- प्रत्येक यात्री को टिकट जारी किया जाना अनिवार्य होगा। टिकट में परमिट संख्या, वाहन क्रमांक, मार्ग, किराया, टिकट क्रमांक, जारी करने की तिथि तथा परिचालक का नाम व हस्ताक्षर रहेंगे।
- प्रत्येक चालक व परिचालक को पहचान-पत्र और यूनिफॉर्म जारी किया जाना अनिवार्य होगा, जिसमें नाम, पता, फोटो, लाइसेंस, बैज क्रमांक, परमिट विवरण एवं वैधता अंकित रहेगी।
- अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास, फायर डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम और फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।
- कोई भी बस ऑपरेटर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना वाहन में अवैध बॉडी मॉडिफिकेशन, चेसिस एक्सटेंशन, अनाधिकृत रूपांतरण या अन्य संरचनात्मक संशोधन नहीं करेगा।
यह भी पढ़ें- भिलाई में शेयर मार्केट के नाम पर बड़ा फ्रॉड, मुनाफे का लालच देकर ₹38 लाख ठगे, पैसा न देने पर जान से मारने की धमकी

