मौत भी जुदा न कर सकी, पत्नी को तड़पता देख बचाने दौड़ा पति, दोनों ने एक साथ दुनिया को कहा अलविदा

बिलासपुर के मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम कर्रा में शनिवार सुबह करंट लगने से किसान सचिन चन्द्राकर (45) और उनकी पत्नी रजनी चन्द्राकर (32) की मौत हो गई। …और पढ़ें

HighLights
- आंधी में टूटकर गिरा था बिजली का लाइव वायर
- पत्नी को तड़पता देख सूखी लकड़ी का नहीं किया इस्तेमाल
- सीधे छूने से पति भी हादसे का शिकार
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम कर्रा में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पति-पत्नी की करंट लगने से मौत हो गई। कपड़े सुखाने के दौरान जीआइ तार में उतरे करंट की चपेट में आने से पहले पत्नी झुलसी और उसे बचाने पहुंचे पति भी हादसे का शिकार हो गए। स्वजन ने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को देकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों के शव का पीएम कराया है। आगे की जांच के बाद घटना का कारण स्पष्ट होगा।
मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम कर्रा में रहने वाले सचिन चन्द्राकर (45) किसान थे। शनिवार की सुबह अपने घर पर थे। उनकी पत्नी रजनी चन्द्राकर (32) आंगन में कपड़े सुखाने के लिए गई थीं। घर में कपड़े सुखाने के लिए लगाए गए जीआइ तार पर कपड़े डालते समय करंट लगा। करंट की चपेट में आते ही रजनी छटपटाने लगीं। पत्नी को तड़पता देख सचिन उसे बचाने के लिए दौड़े। जैसे ही उन्होंने पत्नी को संभालने की कोशिश की वे भी करंट की चपेट में आ गए।
दोनों गंभीर रूप से झुलसकर जमीन पर गिर पड़े। स्वजन उन्हें मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मस्तूरी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्षेत्र में खराब मौसम और आंधी-तूफान के दौरान बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया था, जो घर के जीआइ तार के संपर्क में आ गया। इसी कारण तार में करंट प्रवाहित हुआ और हादसा हो गया।
पति-पत्नी की मौत से सदमे में परिवार
ग्राम कर्रा में हुए इस हादसे परिवार के लोग सदमे में हैं। बताया जाता है कि रजनी चन्द्राकर जब करंट की चपेट में आईं तो उन्होंने खुद को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकीं। उनकी हालत देखकर पति सचिन तत्काल उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़े। हालांकि बिजली का करंट इतना तेज था कि वे भी उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही पलों में दोनों जमीन पर गिर पड़े। परिजनों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि सुबह का सामान्य घरेलू काम इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। इस घटना से गांव के लोग भी सकते में आ गए।
बारिश और टूटे बिजली तार बन सकते हैं बड़ा खतरा
बरसात और आंधी-तूफान के मौसम में खुले तार, लोहे के तार और बिजली के उपकरण गंभीर खतरा बन सकते हैं। किसी स्थान पर बिजली का तार टूटकर गिर जाए या किसी धातु के संपर्क में आ जाए तो पूरे हिस्से में करंट फैल सकता है। ऐसे मामलों में सीधे संपर्क करने के बजाय बिजली सप्लाई बंद कराना और तुरंत विद्युत विभाग को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। करंट की चपेट में आए व्यक्ति को बचाने के दौरान सीधे हाथ लगाने के बजाय सूखी लकड़ी या इंसुलेटेड सामग्री का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे हादसों से बचाव के लिए समय-समय पर घरेलू वायरिंग और खुले तारों की जांच जरूरी मानी जाती है।




