छत्तीसगढ़

खुदाई में मिला खजाना बताकर 10 लाख की ठगी, पीतल की माला को सोने का बताकर मोबाइल कारोबारी को लगाया चूना


राजधानी में पुराने खजाने और सोने के आभूषण के नाम पर 10 लाख रुपये ठग लिए गए। शातिर ठगों ने मोबाइल एक्सेसरीज कारोबारी को झांसे में लेकर पीतल की माला को …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 06 Jun 2026 08:41:15 PM (IST)Updated Date: Sat, 06 Jun 2026 08:41:15 PM (IST)

खुदाई में मिला खजाना बताकर 10 लाख की ठगी, पीतल की माला को सोने का बताकर मोबाइल कारोबारी को लगाया चूना
सोने की माला खरीदने वाले के हाथ लगा पीतल।

HighLights

  1. अवंति विहार के गैजेट क्रू संचालक से जालसाजी
  2. ईयरफोन खरीदने आया युवक निकला शातिर ठग
  3. सोने की माला खरीदने वाले के हाथ लगा पीतल

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में पुराने खजाने और सोने के आभूषण के नाम पर 10 लाख रुपये ठग लिए गए। शातिर ठगों ने मोबाइल एक्सेसरीज कारोबारी को झांसे में लेकर पीतल की माला को सोने की माला बताकर बेच दिया। माला की दो बार जांच कराकर भरोसा दिलाने के बाद आरोपितों ने कारोबारी से 10 लाख रुपये नकद ले लिए। बाद में जब पूरी माला की जांच कराई गई तो वह पीतल की निकली। मामले में तेलीबांधा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

ईयरफोन खरीदने के बहाने दुकान पर पहुंचा शातिर ठग

पुलिस के अनुसार अवंति विहार निवासी यश मोटवानी की अवंति विहार क्षेत्र में गैजेट क्रू नाम से मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि एक जून को उसकी दुकान पर एक अज्ञात युवक ईयरफोन खरीदने आया था। बातचीत के दौरान उसने खुदाई में मिला एक पुराना सिक्का दिखाया और दावा किया कि उसके पास कुछ पुराने कीमती सामान भी हैं। युवक मोबाइल नंबर लेकर चला गया।

उसी दिन शाम को फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम गोपाल प्रजापति बताया और अपने परिजनों से भी बात कराई। उन्होंने खुद को दूसरे राज्य का निवासी बताते हुए कहा कि उनके पास पीले रंग की पुरानी माला है, जिसे वे बेचना चाहते हैं। बातचीत के बाद दो जून को तीन लोग तेलीबांधा ओवरब्रिज के नीचे यश से मिले। आरोपितों ने अपने बैग से एक पीले रंग की भारी माला निकाली, जो देखने में सोने जैसी लग रही थी।

पहले टुकड़ा जांच के लिए दिया, फिर जाल में फंसाया

शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपितों ने माला का एक छोटा टुकड़ा तोड़कर उसे बाजार में जांच कराने की सलाह दी। यश वह टुकड़ा लेकर विजय नगर स्थित एक ज्वेलर्स के पास पहुंचा, जहां जांच के बाद उसे सोना बताया गया। इसके बाद उसने आरोपितों को इसकी जानकारी दी। आरोपितों ने कहा कि वे शहर में किसी को नहीं जानते और माला बेचना चाहते हैं। शुरुआत में उन्होंने माला की कीमत 15 लाख रुपये बताई, लेकिन बाद में 10 लाख रुपये में सौदा तय हो गया।

दोबारा जांच में भी जालसाज हुए कामयाब और हो गई ठगी

तीन जून की शाम आरोपितों ने यश को जोरा ओवरब्रिज के पास बुलाया। यहां उन्होंने फिर माला दिखाई। इस बार भी यश ने माला के दो छोटे टुकड़े निकलवाकर जांच कराई। शिकायत के अनुसार उसने अपने भाई भरत मोटवानी को आरोपितों के पास खड़ा रखा और खुद टुकड़े लेकर मालवीय रोड स्थित ज्वेलर्स के पास पहुंचा। वहां भी टुकड़ों को सोना बताया गया।

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जांच रिपोर्ट से संतुष्ट होकर यश ने आरोपितों को 10 लाख रुपये नकद दे दिए और पूरी माला खरीद ली। सौदा पूरा होने के बाद यश माला लेकर एक अन्य ज्वेलर्स के पास पहुंचा। वहां पूरी माला की जांच की गई तो पता चला कि वह सोना नहीं बल्कि पीतल की बनी हुई है।



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