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कल्याणपुर में अतिक्रमण के विरोध में चक्काजाम, नायब तहसीलदार ने दिया 5 दिन में कार्रवाई का आश्वासन

ग्राम पंचायत कल्याणपुर में शासकीय प्रयोजन और स्कूल मद के लिए शासन से मिली वन अधिकार पट्टे की करीब तीन एकड़ भूमि पर कथित अतिक्रमण के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कल्याणपुर चौक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।

ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2012-13 में शासन ने ग्राम पंचायत कल्याणपुर को शासकीय प्रयोजन और स्कूल मद के लिए करीब तीन एकड़ भूमि वन अधिकार पट्टे के तहत उपलब्ध कराई थी। आरोप है कि इसी भूमि पर 27 लोगों ने कब्जा कर अवैध निर्माण कर लिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अब राजस्व विभाग की कथित मिलीभगत से अतिक्रमणकारियों को भूमि का स्वामित्व पट्टा देने की कवायद की जा रही है। इसे लेकर आंदोलनकारियों ने राजस्व विभाग की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीणों ने कल्याणपुर चौक पर धरना शुरू कर चक्काजाम कर दिया। सूचना पर पुलिस बल के साथ पहुंचे लटोरी नायब तहसीलदार बिंदेश्वर प्रजापति को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी करते रहे। स्थिति को देखते हुए नायब तहसीलदार ने पांच दिन में सर्वे कराकर अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध बेदखली की कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद करीब तीन घंटे से जारी चक्काजाम समाप्त हुआ, लेकिन ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई होने तक उनका धरना जारी रहेगा। इस दौरान लटोरी चौकी प्रभारी सुनील सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे।

ग्रामीणों का कहना है कि कल्याणपुर चौक और प्रतापपुर मार्ग के आसपास शासकीय भूमि पर लगातार अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि कथित कब्जा पक्की नाली तक पहुंच गया है। इससे सड़क की चौड़ाई प्रभावित होने के साथ यातायात व्यवस्था भी बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो भविष्य में गंभीर सड़क दुर्घटना हो सकती है।

आंदोलनकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार प्रयास किए गए। पंचायत ने कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भी पारित किया, लेकिन कब्जाधारियों के विरोध के चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट तक की घटनाएं हुईं, जिसकी शिकायत पुलिस चौकी में की गई है।

आंदोलन में कांग्रेस नेता गोवर्धन सिंह, रोहन राजवाड़े, जनपद सदस्य लोकांता सिंह, माखन जायसवाल, भुनेश्वर सिंह, रामधनी राजवाड़े, तिलानंद राजवाड़े और श्याम सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

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