छत्तीसगढ़

भुईयां पोर्टल विवाद के बाद CG सरकार का बड़ा फैसला, अब डिजिटल भू-अभिलेख सुरक्षा के लिए बनेगा नया ऑनलाइन सिस्टम


राज्य सरकार डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए ई-एचआरएमएस पोर्टल तैयार करेगी। राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनला …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 12 Jun 2026 03:53:53 PM (IST)Updated Date: Fri, 12 Jun 2026 03:53:53 PM (IST)

भुईयां पोर्टल विवाद के बाद CG सरकार का बड़ा फैसला, अब डिजिटल भू-अभिलेख सुरक्षा के लिए बनेगा नया ऑनलाइन सिस्टम
अब E-HRMS पोर्टल से होगी राजस्व कर्मचारियों की निगरानी

HighLights

  1. ई-एचआरएमएस पोर्टल से ऑनलाइन निगरानी बढ़ेगी
  2. भू-अभिलेख सुरक्षा के लिए बनेगी नई कार्ययोजना
  3. तीन साल से जमे कर्मचारियों की सूची तलब

राज्य ब्यूरो,नईदुनिया, रायपुर। राज्य सरकार ने डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा को मजबूत बनाने और राजस्व विभाग के कामकाज में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत अब e-HRMS (इलेक्ट्रानिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल तैयार किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।

गड़बड़ियों के बाद हरकत में आया विभाग

भुईयां पोर्टल में बिना आदेश भूमि के रकबे और भू-स्वामियों के नाम में बदलाव से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर नईदुनिया में दो जून 2026 को प्रकाशित खबर के बाद सरकार ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद विभागीय व्यवस्था को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नए पोर्टल के जरिए भूमि संबंधी गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाएगी, जिससे गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों की पहचान करना आसान होगा।

कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा रहेगा ऑनलाइन

ई-एचआरएमएस पोर्टल में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना, स्थानांतरण और अवकाश का संपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज रहेगा। इसके अलावा विभागीय जांच, गोपनीय प्रतिवेदन और अचल संपत्ति से जुड़ी जानकारी भी नियमित रूप से अपडेट की जाएगी। सरकार का उद्देश्य राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाना है।

राजस्व मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने उच्च अधिकारियों को डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता के भूमि संबंधी डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

तीन साल से जमे कर्मचारियों की मांगी सूची

मंत्री ने सभी जिलों से ऐसे तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, अधीक्षकों, सहायक अधीक्षकों (भू-अभिलेख), राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों की सूची तलब की है, जो तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं।

15 अगस्त तक सर्वे पूरा करने के निर्देश

बैठक में नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और पात्र हितग्राहियों को मालिकाना हक देने के लिए 15 अगस्त तक सर्वे कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही समाप्त हो चुकी शासकीय भूमि लीज के नवीनीकरण की प्रक्रिया तेज कर राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया गया। मंत्री ने जियोरिफ्रेशिंग, डिजिटल क्राप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्व सचिव शम्मी आबिदी और संचालक विनीत नंदनवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे



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