छत्तीसगढ़

वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर ठगे थे 24 लाख, तीन गिरफ्तार, 14 थानों में दर्ज थे मामले


Raipur Police: ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर राज्यीय गिरोह का रायपुर रेंज पुलिस ने भंडाफोड़ किया …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 27 Jan 2026 08:46:31 PM (IST)Updated Date: Tue, 27 Jan 2026 08:46:31 PM (IST)

साइबर ठगों का पर्दाफाश: वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर ठगे थे 24 लाख, तीन गिरफ्तार, 14 थानों में दर्ज थे मामले
साइबर ठगों का पर्दाफाश।

HighLights

  1. साइबर ठगी पर पुलिस का बड़ा प्रहार
  2. बैंक खातों और टेलीग्राम ने खोला राज
  3. देश भर में फैला था गिरोह का जाल

नईदुनिया, प्रतिनिधि, रायपुर। ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर राज्यीय गिरोह का रायपुर रेंज पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आपरेशन साइबर शील्ड के तहत आरोपितों को महाराष्ट्र और राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों के खिलाफ देश के विभिन्न 14 थाना एवं साइबर सेल में धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज हैं। आरोपितों के खिलाफ थाना राखी क्षेत्र के निवासी पारस कुमार धीवर ने पुलिस को शिकायत दी थी कि ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से मुनाफा कमाने का झांसा देकर उससे 24 लाख रुपये की ठगी की गई है।

तकनीकी जांच से हुआ राजफाश

विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और टेलीग्राम अकाउंट्स का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम अंतर राज्यीय खातों में ट्रांसफर की जा रही थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपितों की पहचान की। इसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें महाराष्ट्र और राजस्थान भेजी गईं। वहां दबिश देकर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में देश के कई राज्यों में इसी तरीके से ठगी करना स्वीकार किया है।

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ऐसे करते थे ठगी

  • आरोपित सोशल मीडिया, टेलीग्राम और वाट्सएप के माध्यम से वर्क फ्रॉम होम जॉब के आकर्षक विज्ञापन भेजते थे।
  • शुरुआत में पीड़ित को छोटे-छोटे टास्क देकर कम रकम का लाभ दिखाया जाता था, जिससे उसका भरोसा जीत लिया जाता था।
  • इसके बाद ज्यादा मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कराई जाती थी।
  • रकम जमा होते ही आरोपित पीड़ित को टेलीग्राम ग्रुप से बाहर कर देते थे या संपर्क पूरी तरह बंद कर देते थे।
  • ठगी की राशि को कई खातों में घुमाकर निकाल लिया जाता था, ताकि पुलिस तक सीधा सुराग न पहुंचे।

गिरफ्तार किए गए आरोपित

  • उत्पल पंचारिया (21), निवासी मेघवाल बस्ती, जोधपुर (राजस्थान)।
  • रोहित बबन कौलगे (31), निवासी हरिपुर, सांगली (महाराष्ट्र)।
  • सुमित श्रीनिवास राठी (41), निवासी आनंदी अपार्टमेंट, सांगली (महाराष्ट्र)।



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