छत्तीसगढ़

वन विभाग में तबादले के बाद भी भारमुक्त न होने पर अरण्य भवन सख्त, तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश

वन विभाग में सहायक वन संरक्षकों के तबादले के बावजूद कई अधिकारियों को अब तक भारमुक्त नहीं किए जाने पर अरण्य भवन ने सख्ती दिखाई है। शासन के आदेशों का पालन नहीं करने की शिकायतों के बाद वन बल प्रमुख कार्यालय ने सभी मुख्य वन संरक्षकों, वन संरक्षकों और वनमंडल अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

जारी निर्देश में स्थानांतरित अधिकारियों को तीन दिन में भारमुक्त करने और रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। बीते दो सितंबर को करीब 64 सहायक वन संरक्षकों का तबादला किया गया था। इसके बावजूद कुछ वनमंडलों से अब तक इन्हें भारमुक्त नहीं किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

बताया गया कि कई अधिकारी पुरानी पदस्थापना पर ही कार्यरत हैं। इससे विभाग में नाराजगी बढ़ी है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) कार्यालय ने साफ किया है कि स्थानांतरित सहायक वन संरक्षकों को तत्काल भारमुक्त कर नई पदस्थापना पर भेजा जाए।

संबंधित अधिकारियों की भारमुक्ति और नई जगह कार्यभार संभालने की पूरी रिपोर्ट भी तीन दिन में भेजनी होगी। निर्देश में यह भी कहा गया है कि शासन के आदेशों का समय-सीमा में पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

इसके लिए निर्धारित प्रपत्र भी जारी किया गया है। वन बल प्रमुख कार्यालय के इस निर्देश से स्पष्ट है कि तबादले के बाद भी पुरानी पदस्थापना पर कार्यरत अधिकारियों को हर हाल में तीन दिन के भीतर भारमुक्त करना होगा और इसकी सूचना उच्च कार्यालय को देनी होगी।

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