छत्तीसगढ़
गल्फ संकट: छत्तीसगढ़ के चावल निर्यात पर असर, 20 फीसदी कम होगा व्यापार


चावल का निर्यात प्रभावित होने के बाद भी स्थानीय बाजार में चावल की कीमतों में कोई बड़ा फर्क नहीं आया है। अनाज व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में खासकर दुबराज, एचएमटी चावल की कीमतों को कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि मार्केट में नए चावल की आवक होने के बाद 3 से 5 रुपए प्रति किलो तक कीमत कम हुई है।
इस युद्ध ने व्यापारियों को चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि उनका सौदा पहले हुआ था। अब पेमाल ढुलाई का भाड़ा भी बढ़ गया है। शिपिंग लागत में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जहां प्रति कंटेनर का किराया 2,000 डॉलर से बढ़कर 9,000 डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त, शिपिंग कंपनियों द्वारा प्रति कंटेनर 2,000 से 2,500 डॉलर का वॉर टैरिफ भी लगाया जा रहा है, जो चावल की लागत में 8 से 10 रुपए प्रति किलोग्राम का अतिरिक्त बोझ डाल रहा है।




