सेवानिवृत्ति के 5 साल बाद भी लंबित जांच फाइल पर हाई कोर्ट सख्त, पीएचई सचिव से मांगा शपथ पत्र
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्ति के पांच साल बाद भी विभागीय जांच की फाइल लंबित रखने के मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के सचिव से शपथ पत्र मांगा है। कोर्ट का यह आदेश विभागीय जांच को अनिश्चितकाल तक लंबित रखने के मामले में आया है।
मामला सेवानिवृत्त कर्मचारी जीएन रामटेके से जुड़ा है। जीएन रामटेके को विभागीय जांच में पहले ही दोषमुक्त किया जा चुका है। जांच रिपोर्ट भी सरकार को भेजी जा चुकी है।
हालांकि, जांच में दोषमुक्त किए जाने और रिपोर्ट सरकार को भेजे जाने के बावजूद अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है। यही कारण है कि सेवानिवृत्ति के पांच साल बाद भी विभागीय जांच की फाइल लंबित बनी हुई है।
हाई कोर्ट ने फाइल लंबित रखने के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पीएचई विभाग के सचिव से शपथ पत्र मांगा है। कोर्ट का यह निर्देश सचिव को जवाब देने के लिए है।
उल्लेखनीय है कि जीएन रामटेके को जांच में दोषमुक्त किए जाने के बाद भी अंतिम आदेश जारी न होने से मामला लंबित बना हुआ है। हाई कोर्ट ने इसी लंबित फाइल को लेकर पीएचई विभाग के सचिव से शपथ पत्र मांगा है।



