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रायपुर रेल मंडल की दो वंदे भारत और दो अमृत भारत ट्रेनों की फाइल अटकी, रेलवे बोर्ड ने प्रस्ताव विचाराधीन होने से किया इनकार

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्रस्तावित दो वंदे भारत और दो अमृत भारत ट्रेनों की फाइल अटक गई है। रेलवे बोर्ड और रेल मंडल के दावों में अंतर सामने आया है। एक तरफ मंडल दावा कर रहा है कि प्रस्ताव एसईसीआर जोन के माध्यम से बोर्ड को भेजा जा चुका है, वहीं रेलवे बोर्ड ने ऐसे किसी भी प्रस्ताव के विचाराधीन होने से साफ इनकार किया है।

रेल मंडल के अनुसार एक साल पहले रेलवे बोर्ड को दुर्ग-वाराणसी और दुर्ग-जबलपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस, तथा दुर्ग-लोकमान्य तिलक (मुंबई) और दुर्ग-कामाख्या के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसके साथ ही सात अन्य ट्रेनों के विस्तार का प्रस्ताव एसईसीआर मुख्यालय के माध्यम से रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है।

दूसरी ओर रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (कोचिंग) राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि उनके कार्यालय में ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस खुलासे के बाद यह जांच का विषय बन गया है कि यात्रियों की सुविधा से जुड़ी यह अहम फाइल आखिर किस स्तर पर अटकी हुई है।

रायपुर स्टेशन से रोजाना करीब 80 हजार यात्री सफर करते हैं। यात्रियों के बढ़ते दबाव के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों में हमेशा भारी वेटिंग रहती है। राजधानी का स्टेशन होने के नाते यात्रियों की भीड़ दिन ब दिन बढ़ रही है। वर्तमान में रायपुर से वाराणसी के लिए महज दो ट्रेनें सारनाथ और गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस हैं, जिनमें कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल होता है। वहीं मुंबई और कामाख्या रूट पर हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग पर होने के बावजूद, दुर्ग से एलटीटी और कामाख्या के लिए पर्याप्त सीधी ट्रेनों का अभाव है। गुजरने वाली ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है।

रायपुर-कामाख्या (अमृत भारत एक्सप्रेस) की वर्तमान स्थिति देखें तो फिलहाल रायपुर से कामाख्या के लिए सप्ताहभर में एक ही ट्रेन नहीं है। वहीं मुंबई (लोकमान्य तिलक) से आने वाली एक ट्रेन रायपुर होते हुए जाती है, लेकिन इसमें यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल होता है। इससे यह फायदा होगा कि रायपुर से कामाख्या की दूरी करीब 1808 किमी है। अभी सामान्य ट्रेनें इसे 34 घंटे में तय करती हैं। अमृत भारत शुरू होने से यह सफर मात्र 30 घंटे में सिमट जाएगा, यात्रियों के चार घंटे बचेंगे।

रायपुर से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनल) की दूरी 1118 किमी है। वर्तमान में इस सफर को तय करने में करीब 19 से 21 घंटे का लंबा समय लगता है और हमेशा लंबी वेटिंग रहती है। इस रूट पर अमृत भारत एक्सप्रेस चलने से यात्री महज 17 घंटे में मुंबई पहुंच सकेंगे। इससे सफर में दो घंटे बचेंगे, कन्फर्म सीट मिल सकेगी।

वंदे भारत एक्सप्रेस के मामले में अभी 823 किमी की दूरी को तय करने में यात्रियों को करीब 19 घंटे का समय लगता है। यह हाई-स्पीड ट्रेन रायपुर से प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक जाएगी। वंदे भारत के चलने से यात्री सिर्फ 14 घंटे में वाराणसी पहुंच जाएंगे। यात्रियों के पांच घंटे बचेंगे।

वहीं 591 किमी के रायपुर-जबलपुर रूट पर अभी अमरकंटक और मूकमाटी (इंटरसिटी) एक्सप्रेस चल रही हैं। अमरकंटक एक्सप्रेस से 9 घंटे और इंटरसिटी से आठ घंटे का समय लगता है। वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से जबलपुर का सफर मात्र सात घंटे में पूरा हो जाएगा। इससे यात्रियों के एक से दो घंटे बचेंगे।

इस बीच एसईसीआर की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि रेलवे द्वारा विभिन्न मार्गों पर नई ट्रेनों के संचालन एवं सेवाओं के विस्तार की संभावनाओं का समय-समय पर तकनीकी, वाणिज्यिक एवं समय-सारणी की दृष्टि से आकलन किया जाता है। उक्त ट्रेनों के संबंध में भी विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई, परंतु फिलहाल इनके संचालन की समुचित व्यवहार्यता प्रतीत नहीं हुई है। यह जानकारी शेख समी उर रहमान, सीपीआरओ, एसईसीआर की ओर से दी गई है।

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