प्रसंगवश: गोली-धमाके नहीं, अब गूंज रही ‘शिक्षा’ की घंटी


फिर आई एक तारीख 31 मार्च 2026, इस तारीख को छत्तीसगढ़ सहित पूरा देश नक्सल हिंसा मुक्त घोषित कर दिया गया। इसके बाद से प्रदेश के बस्तर, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, मोहला-मानपुर, राजनांदगांव, कबीरधाम, कांकेर, गरियाबंद आदि के प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू किए गए। कैम्पों से धीरे-धीरे बलों की वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई। उन भवनों में फिर से शिक्षा की ज्योति जलाई गई। मोहला-मानपुर जिले के तुमड़ीबोड़ में वर्षों तक सुरक्षा व्यवस्था का केंद्र रहे आईटीबीपी के बेस कैम्प भवन को शिक्षा विभाग को सौंपा गया, जहां शासकीय हाईस्कूल प्रारंभ किया गया है और यह अब फिर से ज्ञान का केंद्र बन गया। इसी तरह बीजापुर जिले के पीडिया क्षेत्र के 11 गांवों में करीब 21 वर्ष बाद फिर से स्कूल शुरू किए गए। इनमें 539 बच्चों को पहली बार अपने ही गांव में पढ़ाई करने का अवसर मिला। उन बच्चों को मिली ये खुशी हम सबके दिलों को भी सुकून पहुंचाती है कि ये नौनिहाल भी नक्सलवाद के दंश से मुक्त होकर अब खुद के भविष्य निर्माण के साथ ही अपने गांव-कस्बे से लेकर जिले और प्रदेश को विकास के पथ पर आगे लेकर जाएंगे। शासन-प्रशासन को चाहिए कि वे व्यवस्थाएं दुरुस्त कर उनका मार्ग सुगम और प्रशस्त करे।-अनुपम राजीव राजवैद्य anupam.rajiv@in.patrika.com




