छत्तीसगढ़

नीट यूजी 2026: एमबीबीएस-बीडीएस तीसरे चरण की काउंसलिंग एक अक्टूबर से, 424 सीटों पर होगा प्रवेश

छत्तीसगढ़ में नीट यूजी 2026 के तहत एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए तीसरे चरण की काउंसलिंग एक अक्टूबर से शुरू होगी। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने दूसरे चरण के आवंटन और प्रवेश के बाद रिक्त सीटों के लिए शिड्यूल जारी कर दिया है। तीसरे चरण में एमबीबीएस की 203 और बीडीएस की 221, कुल 424 सीटों पर प्रवेश का होगा।

नए अभ्यर्थी एक अक्टूबर सुबह 11 बजे से छह अक्टूबर रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन पंजीयन करा सकेंगे। पहले से पंजीकृत पात्र अभ्यर्थियों को भी इस चरण में नए सिरे से च्वाइस फिलिंग करनी होगी। च्वाइस फिलिंग और लाकिंग सात अक्टूबर रात 11:59 बजे तक होगी। पहले भरी गई च्वाइस इस चरण में मान्य नहीं होगी। च्वाइस नहीं भरने पर सीट का आवंटन नहीं किया जाएगा।

प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 3025 सीटें हैं। दूसरे चरण के बाद 2822 सीटों पर प्रवेश हो चुका है, जबकि 203 सीटें रिक्त हैं। इनमें सरकारी कॉलेजों की 17 और निजी कॉलेजों की 186 सीटें शामिल हैं।

सरकारी कॉलेजों में रायपुर के पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज में आठ, सिम्स बिलासपुर में दो, राजनांदगांव में एक, दुर्ग में दो, अंबिकापुर में एक, मनेंद्रगढ़ में एक और कुनकुरी-जशपुर में एक सीट खाली है।

निजी कॉलेजों में रिम्स रायपुर की 47, श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस भिलाई की 31, श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस रायपुर की 10, श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नवा रायपुर की 31, अभिषेक आई मिश्रा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज भिलाई की 39 और मां पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रायपुर की 23 सीटें रिक्त हैं।

बीडीएस में शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर की 31 सीटें रिक्त हैं। इनमें एक एक्स-सर्विसमैन, नौ अनारक्षित, चार एससी और 17 एसटी सीटें हैं। निजी कॉलेजों में 190 सीटें खाली हैं। इनमें मैत्री कॉलेज ऑफ डेंटिस्ट्री दुर्ग की 49, न्यू हाराइजन डेंटल कॉलेज बिलासपुर की 38, रुंगटा कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज भिलाई की 36, त्रिवेणी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज बिलासपुर की 26, छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज राजनांदगांव की 27 और श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज रायपुर की 14 सीटें शामिल हैं।

आवेदन में संशोधन अंतिम तिथि तक निश्शुल्क किया जा सकेगा। सरकारी मेडिकल कॉलेज का विकल्प चुन चुके अभ्यर्थी यदि इस चरण में निजी कॉलेज भी च्वाइस में शामिल करते हैं तो पंजीयन शुल्क के अंतर की राशि अतिरिक्त देनी होगी।

आवंटन के बाद प्रवेश नहीं लेने या सीट छोड़ने पर जमा पंजीयन राशि जब्त कर ली जाएगी। विभाग ने अभ्यर्थियों को काउंसलिंग की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी करने और बिचौलियों या फर्जी संस्थाओं से सावधान रहने कहा है।

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