नेशनल हाईवे 130 पर पांच घंटे चक्काजाम, हादसे से आक्रोश:स्कार्पियो की टक्कर से हुई थी तीन महिलाओं की मौत, आश्वासन के बाद खुला जाम

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नेशनल हाईवे 130, अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग में बीती शाम तेज रफ्तार स्कार्पियो से कुचलकर तीन महिलाओं की मौके पर मौत हो गई थी। हादसे के बाद ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे चक्काजाम किया था। सोमवार को ग्रामीणों ने मौके पर 10.00 बजे टायर जलाकर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम से दोनों ओर 10 किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लगी रही। प्रशासनिक अमले ने उचित मुआवजा सहित अन्य आश्वासन देकर तीन बजे चक्काजाम समाप्त कराया। रविवार शाम नेशनल हाईवे 130 स्थित भिट्ठीकला में बाजार से सब्जी खरीदकर लौट तीन महिलाओं को बेकाबू स्कार्पियो ने रौंद दिया और आगे निकल गई। स्कार्पियो एक बच्ची को चपेट में लेते हुए ट्रक से टकरा गई। हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर मौत हो गई एवं एक बालिका घायल हो गई थी। घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने गाड़ी के ड्राइवर को खूब पीटा और हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान 3 से 4 किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। एसडीएम फागेश सिन्हा एवं पुलिस की समझाइश के बाद चक्काजाम हट गया था। दूसरे दिन पांच घंटे चक्काजाम, 10 किलोमीटर की लंबी लाईन
हादसे में मृत रामबाई (50), मुन्नी बाई (40) एवं श्यामपति (35) का शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। शव भिट्ठीकला पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने नेशनल हाईवे पर टायर जलाकर चक्काजाम कर दिया। शववाहन में तीनों के शव भी रखे हुए थे। सुबह 10 बजे से चक्काजाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। मालवाहकों के साथ यात्री वाहनें भी जाम में फंस गईं। जाम में कई एम्बुलेंस भी फंस गए। हालांकि इनमें मरीज नहीं थे। चक्काजाम की सूचना पर एसडीएम फागेश सिन्हा सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों ने मुआवजा दिलाए जाने, 30 दिनों में चालान पेश करने, वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण के लिए स्पीड ब्रेकर लगाने, स्ट्रीट लाइट लगाने सहित अन्य मांगें रखीं। एसडीएम फागेश सिन्हा ने मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद तीन बजे चक्काजाम समाप्त हुआ। चक्काजाम समाप्त होने के बाद मार्ग से आवागमन शुरू कराया गया, जिसे सुचारू होने में एक से डेढ़ घंटे लग सकते हैं। तीनों मृतक एक ही परिवार के, गांव में मातम
हादसे में मारी गई तीनों महिलाएं एक ही परिवार की हैं। तीनों घर से रविवार दोपहर बाद बाजार जाने के लिए निकली थीं। घटना से जोगीबांध में शोक है। तीनों के शवों का अंतिम संस्कार आज ही किया जा रहा है।
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