छत्तीसगढ़

नगरीय निकाय चुनाव: भाजपा-कांग्रेस के बीच शहरी वर्चस्व की लड़ाई, भिलाई-रिसाली समेत 15 निकायों में सरगर्मी तेज

राज्य के चार बड़े नगर निगमों समेत 15 नगरीय निकायों और दो नवगठित नगर पंचायतों में होने वाले चुनावों की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दिसंबर 2026 में कार्यकाल पूरा होने जा रहे इन निकायों के चुनाव महज स्थानीय सरकार के गठन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच शहरी राजनीतिक वर्चस्व की एक बड़ी प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुके हैं।

सबसे दिलचस्प मुकाबला भिलाई, भिलाई-चरौदा, रिसाली और बीरगांव नगर निगमों में देखने को मिलेगा, जिन पर फिलहाल कांग्रेस का कब्जा है। प्रदेश की सत्ता में काबिज भाजपा अब इन शहरी किलों में सेंध लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। इसके लिए पार्टी ने प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्तियों के साथ एक मजबूत चुनावी चक्रव्यूह तैयार कर लिया है।

बीरगांव, भिलाई, जामुल, सारंगढ़, बैकुंठपुर, खैरागढ़, कोंटा और भोपालपट्टनम जैसे तमाम निकायों में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने के आसार हैं। देखना यह होगा कि भाजपा का संगठनात्मक चक्रव्यूह भारी पड़ता है या कांग्रेस अपने इन पारंपरिक शहरी किलों को बचाने में सफल होती है।

इन चुनावों का सबसे राजनीतिक और मर्मस्पर्शी पहलू यह है कि इसमें कांग्रेस के दिग्गजों की साख सीधे तौर पर दांव पर लगी है। भिलाई-चरौदा नगर निगम का रण पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रभाव क्षेत्र में आता है। यहां का चुनाव परिणाम यह तय करेगा कि बघेल की स्थानीय राजनीतिक पकड़ कितनी मजबूत है। यदि भाजपा यहां सेंध लगाने में कामयाब होती है, तो इसे भूपेश बघेल के गढ़ में एक बड़ा सियासी झटका माना जाएगा।

ठीक इसी प्रकार, रिसाली नगर निगम पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के प्रभाव वाला इलाका है। रिसाली के नतीजे इस बात की मुहर लगाएंगे कि साहू की सियासी पकड़ अभी भी बरकरार है या नहीं। कांग्रेस अपने इन दोनों दिग्गजों के कंधों पर सवार होकर अपने पुराने दुर्ग को सुरक्षित रखने की जुगत में है।

चुनाव मैदान में स्थानीय मुद्दे सबसे बड़ा हथियार बनते नजर आ रहे हैं। सड़क, पानी, सफाई, नाली, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक और प्रदूषण जैसे बुनियादी सरोकारों के साथ-साथ कांग्रेस स्मार्ट मीटर और बिजली बिल के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं, भाजपा अपने ढाई साल के विकास कार्यों, शासन स्तर की नीतियों और सांगठनिक ताकत के बल पर जनता के बीच जा रही है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने विश्वास जताया है कि आगामी नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस का दबदबा कायम रहेगा। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते ढाई साल के कार्यकाल में जनता के भीतर भारी नाराजगी है। बदहाल सड़कें, नल-जल योजना के बावजूद पानी की किल्लत और बुनियादी सुविधाओं के आभाव ने हर वर्ग को त्रस्त कर दिया है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डा. विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि पिछली बार चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह पराजित हुई है। जनता ने कांग्रेस को पहले ही नकार दिया है। भाजपा की विष्णु देव साय सरकार के पिछले ढाई वर्षों से हर वर्ग और क्षेत्र के लिए काम कर रही है। भाजपा की जीत सुनिश्चित है।

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