छत्तीसगढ़
न कोई राष्ट्रीय पर्व न खास दिन, मुंगेली के शिक्षक रोज फहराते हैं तिरंगा, सूर्यास्त से पहले करते हैं अवतरण


शिक्षक पीताम्बर दास मानिकपुरी का तिरंगे और राष्ट्रसेवा के प्रति यह लगाव अचानक शुरू नहीं हुआ है। वे बचपन से ही स्काउट-गाइड गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। स्काउटिंग के माध्यम से उनमें अनुशासन, सेवा, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई। यही कारण है कि आज भी वे राष्ट्रध्वज को केवल एक प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि देश के गौरव और सम्मान का प्रतीक मानते हुए पूरी निष्ठा के साथ उसके सम्मान का पालन करते हैं। पीताम्बर दास स्काउट के राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर भी हैं। स्काउटिंग के क्षेत्र में उनके योगदान और उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह उपलब्धि उनके लंबे समय से चले आ रहे स्काउटिंग अनुभव और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।




