छत्तीसगढ़

मौत के साये में बीती आधी रात, तपकरा के गोरियाघाट में रातभर 30 हाथियों के घेरे मे फंसा रहा परिवार


नईदुनिया न्यूज,तुमला: जिले के तपकरा वन परिक्षेत्र के गोरिया घाट गांव में ग्रामीण ब्लासियुस मिंज के घर को 30 हाथियों के दल ने घेर लिया। हाथियों से घर के पिछले दरवाजे से किसी तरह ब्लासियुस सहित उसके पांच स्वजन किसी तरह बच कर भागने मे सफल रहे।

हाथियों ने ग्रामीण के घर को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। जिले में इस समय 42 हाथी डेरा जमाये हुए है। जानकारी के अनुसार झारखंड से जिले के दुलदुला होते हुए 30 हाथियों का एक झुंड बीते चार दिनों से तपकरा वन परिक्षेत्र में घूम रहा है। हाथियों के इस दल को शांति दल का नाम दिया गया है। यह दल केरसई के नजदीक स्थित गोरिया घाट के आसपास के जंगल में मंगलवार को डेरा जमाए हुए था।

मंगलवार और बुधवार की रात लगभग 12 बजे हाथी गोरियाटोली बस्ती के नजदीक पहुंच गए और खेत में लगे हुए धान को खाने लगे। इसी दौरान झुंड से अलग होकर दो हाथी खेत के किनारे स्थित ब्लासियुस के घर पहुंच गए। इन दोनों हाथियों के चिंघाड़ से गहरी नींद में सो रहे ब्लासियुस की नींद खुल गई। लेकिन इससे पहले कि वे सम्हल पाते खेत में मौजूद हाथियों ने उनके घर को घेर लिया।

हाथियों ने घर में रखे हुए धान खाने के चक्कर में बाउंड्रीवाल को तोड़ना शुरू किया। दीवार गिरने की आवाज से ब्लासियुस और उसके स्वजन सहम कर घर के अंदर वाले हिस्से में चले गए। चार दीवारी को ध्वस्त करने के बाद हाथियों ने घर के सामने वाले हिस्से का ढहा दिया।

ग्रामीणों ने ट्रैक्टर का हॉर्न बजाकर खदेड़ा हाथियों का दल

जान बचाने के लिए ब्लासियुस और उसके स्वजनों ने सामने से घर के बाहर निकलने का प्रयास किया। लेकिन हाथियों को देख कर उन्हें अंदर की ओर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस बीच हाथियों के चिंघाड़ने और दीवार गिरने की आवाज से पड़ोसी भी जाग गए और ब्लासियुस के घर के आसपास हाथियों को खड़ा देख कर उन्हें खदेड़ने के लिए शोर मचाने लगे। लेकिन हाथी मकान तोड़ने में जुटे रहे। अंततः ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की आवाज और हेडलाइट जलाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।

मौत के साये में बीती आधी रात

रात भर हाथियों के बीच फंसे रहने के बाद ब्लासियुस और उसके स्वजनों की जान किसी तरह से बची। गुरूवार को वन विभाग तपकरा के कर्मचारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होनें मुआवजा राशि के लिए क्षति का आंकलन तैयार कर रिपोर्ट तैयार की है। रेंजर प्रवीण वर्मा का कहना है कि रिपोर्ट को राशि स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा जाएगा।

जशपुर जिले में 42 हाथियों का डेरा

स्वीकृति के बाद पीड़ित परिवार को राशि दी जाएगी। जिले में 42 हाथियों ने डेरा जमाया वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस समय जिले में हाथियों के दो बड़े झुंड जिले में विचरण कर रहे हैं। तपकरा के शांति दल के अलावा 12 हाथियों का दूसरा दल पत्थलगांव रेंज के आसपास भटक रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार इन दिनों खेतों में तैयार हो रहे धान की फसल का स्वाद हाथियों को खेत की ओर आकर्षित कर रहा है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि हाथियों की हलचल की जानकारी इंटरनेट मिडिया और मुनादी के माध्यम से प्रभावित गांवों के रहवासियों को दे कर जंगल और झुंड से दूर रहने की अपील की जा रही है। 0



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