पत्थलगांव CMO की नियुक्ति पर विवाद, लेखापाल को प्रभारी बनाने पर जनप्रतिनिधियों का विरोध

जशपुर के पत्थलगांव नगर पालिका में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) मोहम्मद जावेद खान के खिलाफ नगर पालिका अध्यक्ष संगीता सुदर्शन सिंह और अधिकांश पार्षदों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। जनप्रतिनिधियों ने सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर जावेद खान को पत्थलगांव से हटाने की मांग की है, जिसमें उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर जशपुर के कथित ‘जुगाड़ तंत्र’ को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्थानीय स्तर पर विरोध दर्ज कराने के बजाय जनप्रतिनिधियों ने सीधे राज्य के मुखिया से शिकायत की है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नगर पालिका के भीतर ऐसी क्या स्थिति बन गई है कि अध्यक्ष और अधिकांश पार्षदों को एक साथ मुख्यमंत्री के दरवाजे तक पहुंचना पड़ा। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि या तो उनकी बात नहीं सुनी जा रही है या फिर प्रशासनिक व्यवस्था उनकी भूमिका को नजरअंदाज कर रही है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में जनप्रतिनिधियों ने नगर की सफाई व्यवस्था और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि शहर में विकास कार्यों की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, और जो काम दिखाई दे रहे हैं, वे मुख्य रूप से अध्यक्ष निधि और पार्षद निधि से ही कराए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शासन से अतिरिक्त बजट और नई विकास योजनाओं की स्वीकृति दिलाने के लिए जिस सक्रियता और पहल की आवश्यकता है, वह प्रभारी CMO की कार्यप्रणाली में नजर नहीं आ रही है।
पत्र में एक और गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि महत्वपूर्ण प्रस्तावों और विकास कार्यों से जुड़ी जानकारियां जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए बिना ही शासन को भेजी जा रही हैं। अध्यक्ष और पार्षदों का आरोप है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका और अधिकारों की अनदेखी हो रही है। इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक मनमानी, शासन को गलत जानकारी भेजने, कर्मचारियों के वेतन भुगतान और जनप्रतिनिधियों के मानदेय के भुगतान में लापरवाही जैसे कई अन्य मुद्दे भी मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में प्रमुखता से उठाए गए हैं।
मोहम्मद जावेद खान वर्तमान में लेखापाल के पद पर पदस्थ हैं, लेकिन उन्हें पत्थलगांव नगर पालिका में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। लेखापाल के पद पर रहते हुए प्रभारी CMO की जिम्मेदारी संभालने का यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। इतना ही नहीं, उनकी नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उनकी नियुक्ति कब और किस प्रक्रिया के तहत हुई है। लोग अब उनकी नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज सूचना के अधिकार के तहत निकालने की बात कह रहे हैं, जिससे उनकी दोहरी जिम्मेदारी और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठने लगी है।
नगर पालिका अध्यक्ष संगीता सुदर्शन सिंह ने मुख्यमंत्री से प्रभारी CMO मोहम्मद जावेद खान का पत्थलगांव से अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग की है। इस पत्र की प्रतिलिपि उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव और नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक को भी भेजी गई है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय और नगरीय प्रशासन विभाग इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।



