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महादेव बेटिंग ऐप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, 59.60 करोड़ के शेयर अटैच

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ED ने आरोप लगाया है कि पिट्टी ने अवैध सट्टेबाजी से मिली रकम को फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI) के नाम पर भारतीय शेयर बाजार में लगाने में मदद की। PTI के मुताबिक, ED ने 10 सितंबर को रायपुर के स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करते समय प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत पिट्टी के 59.60 करोड़ रुपए के डीमैट शेयर भी प्रोविजनल तौर पर अटैच किए हैं। ED ने कोर्ट से इन शेयरों को जब्त करने की अनुमति मांगी है। एजेंसी ने इन्हें एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अपराध से हुई आय यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ बताया है। ED की चार्जशीट में लगाए गए आरोपों को लेकर ऑनलाइन ट्रैवल बुकिंग कंपनी की ओर से जवाब का इंतजार है।

अधिकारियों के मुताबिक, EaseMyTrip के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर निशांत पिट्टी के खिलाफ आरोप रायपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में दाखिल की गई पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। ED ने इस चार्जशीट में 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया है। इनमें EBIX Group के चेयरमैन विकास गर्ग (53) भी शामिल हैं। एजेंसी ने जुलाई में दिल्ली स्थित गर्ग के घर पर छापा मारने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। गर्ग की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली BJP ने उन्हें आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक पद से हटा दिया था और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी थी।

महादेव ऐप को Mahadev Online Book (MOB) के नाम से भी जाना जाता है। इसे मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के फरार सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल प्रमोट करते हैं। आरोप है कि इस ऐप से 2019 से अब तक करीब 80 हजार करोड़ रुपए की अपराध से हुई आय जनरेट हुई है। दोनों के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी है। ED ने अप्रैल 2025 में पिट्टी के खिलाफ तलाशी ली थी और उनसे तीन बार पूछताछ की थी। इनमें दो बार इसी अगस्त में पूछताछ हुई। उस समय EaseMyTrip ने महादेव बेटिंग ऐप या किसी अन्य बेटिंग प्लेटफॉर्म से किसी भी तरह के सीधे या अप्रत्यक्ष संबंध से इनकार किया था।

ED ने चार्जशीट में कहा है कि जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों से पता चलता है कि पिट्टी दुबई में रहने वाले Skyexchange के मालिक हरि शंकर तिबरेवाल के करीबी सहयोगी थे। Skyexchange को एजेंसी ने अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, चार्जशीट में कहा गया है कि सबूतों से पता चला कि पिट्टी अपराध से जुटाई रकम को FPI के नाम पर भारतीय इक्विटी मार्केट में लाने में सीधे तौर पर शामिल थे। ED के मुताबिक, Easy Trip Planners Ltd के प्रमोटर्स की ओर से पिट्टी ने तिबरेवाल के एक सहयोगी के साथ पहले से तय शेयर कीमत में हेरफेर का सौदा किया। इसका उद्देश्य कंपनी के शेयर की कीमत और मार्केट कैपिटलाइजेशन को कृत्रिम तरीके से बढ़ाना था।

ED ने चार्जशीट में कहा है कि पिट्टी ने सक्रिय रूप से और अपनी इच्छा से तिबरेवाल की मदद की। एजेंसी के अनुसार, उन्होंने Skyexchange से पैदा हुई अपराध की रकम को अलग-अलग स्तरों पर घुमाने यानी लेयरिंग में मदद की और यह जानते हुए उस रकम को हासिल किया, अपने पास रखा, छिपाया और इस्तेमाल किया। ED के मुताबिक, इस वजह से पिट्टी पर एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कार्रवाई बनती है। एजेंसी ने कहा कि EaseMyTrip ने 2022 में भारत में आयोजित एक क्रिकेट सीरीज को Skyexchange के साथ मिलकर स्पॉन्सर किया था। ED ने इसे दोनों के बीच करीबी ऑपरेशनल संबंध का सबूत बताया है। ED के मुताबिक, तिबरेवाल कुछ विदेशी कंपनियों को नियंत्रित कर रहा था और इन कंपनियों का इस्तेमाल Skyexchange से पैदा हुई अपराध की रकम को भारतीय शेयर बाजार में निवेश कर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था।

विकास गर्ग की भूमिका को लेकर ED ने आरोप लगाया है कि गर्ग और उनसे जुड़ी कंपनियों को तिबरेवाल की कुछ कंपनियों से 765.77 करोड़ रुपए मिले थे। गर्ग ने इन पैसों का इस्तेमाल अमेरिका की कंपनी Ebix.Inc को खरीदने में किया। ED ने चार्जशीट में कहा है कि PMLA के तहत दर्ज अपने बयान में गर्ग ने माना कि तिबरेवाल की विदेश स्थित कंपनियों से रकम मिली थी। यह रकम तब भी मिली, जब उन्हें पता था कि तिबरेवाल अवैध बेटिंग में शामिल है और यह रकम Skyexchange से पैदा हुई अपराध की आय का हिस्सा थी।

ED ने कहा कि उसकी जांच में सामने आया है कि Skyexchange ने 2016 में काम शुरू किया था और अब तक करीब 12 हजार करोड़ रुपए की अपराध से हुई आय जनरेट की है। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि यह केस में उसकी छठी चार्जशीट है। इसमें एक मुख्य चार्जशीट और पांच सप्लीमेंट्री चार्जशीट शामिल हैं। ED के मुताबिक, तीन आरोपियों को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है।

ED ने बताया कि इस PMLA केस में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी ने 1,885 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है। केस की छह चार्जशीट में कुल 116 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं। देशभर में 190 ठिकानों पर तलाशी भी ली गई है। यह PMLA केस अक्टूबर 2022 में दर्ज किया गया था। इसे छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से दर्ज FIR और दाखिल की गई चार्जशीट के आधार पर शुरू किया गया था।

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