छत्तीसगढ़

कैदी या ‘VIP’ मेहमान? चेक बाउंस के दोषी को अस्पताल में मिला प्राइवेट रूम, मोबाइल चलाते वीडियो वायरल


छत्तीसगढ़ के कोरबा में चेक बाउंस मामले में कोर्ट द्वारा छह दिन जेल की सजा होने के बाद भी आरोपी अपूर्व वासन को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा वीआईपी ट …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 15 Mar 2026 12:21:05 AM (IST)Updated Date: Sun, 15 Mar 2026 04:44:29 AM (IST)

कैदी या 'VIP' मेहमान? चेक बाउंस के दोषी को अस्पताल में मिला प्राइवेट रूम, मोबाइल चलाते वीडियो वायरल
चेक बाउंस के दोषी को अस्पताल में मिला प्राइवेट रूम, मोबाइल चलाते वीडियो वायरल

HighLights

  1. चेक बाऊंस के आरोपित को अस्पताल में वीआइपी ट्रीटमेंट
  2. अस्पताल में मोबाइल में हाथ में रखे अपूर्व वासन
  3. वीआईपी ट्रीटमेंट ले रहे कैदी को आनन-फानन में भेजा गया जेल

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा। चेक बाउंस मामले में न्यायालय द्वारा छह दिन जेल की सजा होने के बाद भी आरोपित अपूर्व वासन को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता रहा। इस दौरान उसे एक अलग कमरा दिया गया और वह पुलिसकर्मी की मौजूदगी में मोबाइल फोन चलाते हुए कैमरे में कैद हो गया। बताया जा रहा है कि आरोपित अपूर्व को छह मार्च को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

उसे अस्पताल परिसर में घूमते-फिरते कई लोगों ने देखा। इतना ही नहीं मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए उसका वीडियो सामने आया। इसकी जानकारी होने पर अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया और उसे आनन-फानन में छुट्टी दे दी गई। न्यायालय ने उसे चेक बाउंस मामले में सीधे जेल भेजने का निर्देश दिया था, परन्तु नियमों के विपरीत, उसे सामान्य वार्ड या आईसीयू के बजाय एक अलग कमरा उपलब्ध कराया गया।

इस संबंध में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ गोपाल कंवर ने चर्चा करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जिसे भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने कहा कि आरोपित को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद जेल में दाखिल करा दिया गया है।

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जानकारों का कहना है कि आरोपित को न्यायालय से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन नियमों के तहत बिना जेल में आमद कराए बगैर जमानत की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती थी। इसलिए उसे पहले जेल में दाखिल कराया गया, ताकि औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो सके।



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