छत्तीसगढ़

जशपुर के सरकारी स्कूल में बाइबिल बांटने पर बवाल, कक्षा में धर्म ग्रंथ बांट रहे शिक्षक को ‘कारण बताओ’ नोटिस


सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक द्वारा बाइबिल की प्रति बांटे जाने से विवाद की स्थिति बन गई है। मामले में शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक को कारण …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 13 Feb 2026 01:51:00 PM (IST)Updated Date: Fri, 13 Feb 2026 01:51:00 PM (IST)

जशपुर के सरकारी स्कूल में बाइबिल बांटने पर बवाल, कक्षा में धर्म ग्रंथ बांट रहे शिक्षक को 'कारण बताओ' नोटिस
बरामद की गई पुस्तक

HighLights

  1. कक्षा में बाइबिल वितरण पर शिक्षक को नोटिस
  2. बैग जांच में 14 बाइबिल की पुस्तकें बरामद
  3. जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट

नईदुनिया प्रतिनिधि, जशपुरनगर। सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक द्वारा बाइबिल की प्रति बांटे जाने से विवाद की स्थिति बन गई है। मामले में शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस थमा कर सफाई मांगी है। मामला जिले के फरसाबहार विकासखंड के केरसई का है।

जानकारी के अनुसार, विद्यालय में व्याख्याता पद पर पदस्थ दीपक तिग्गा पर आरोप है कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान कक्षा में जाकर छात्र-छात्राओं को बाइबिल की छोटी पुस्तकें वितरित कीं। इस बाइबिल को हिन्दू छात्र-छात्राओं को भी बांटा गया।

प्राचार्य कार्यालय से जारी नोटिस के मुताबिक, 10 फरवरी को दीपक तिग्गा विलंब से विद्यालय पहुंचे और बिना प्राचार्य से मुलाकात किए सीधे कक्षा में चले गए। वहां उन्होंने उपस्थित ग्यारहवीं और बारहवीं के छात्र-छात्राओं को बाइबिल की पुस्तकें बांटना शुरू कर दिया।

मामला आने के बाद जांच

मामले के सामने आने के बाद जब छात्र-छात्राओं के बैग की जांच की गई, तो कुल 14 नग बाइबिल की पुस्तकें बरामद की गईं। फिलहाल संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन ने बताया कि शिक्षक तिग्गा बुधवार से स्कूल नहीं आए हैं और उनका कोई पता नहीं है। फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी को मामला जांच कर भेजा गया है, आगे की कार्रवाई जिला से की जाएगी।

मतांतरण को लेकर होता रहा है हंगामा

उल्लेखनीय है कि आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में मतांतरण संवेदनशील मामला रहा है। यहां मतांतरण और चंगाई सभा को लेकर हंगामे की स्थिति बनती रही है। मतांतरण के विरुद्ध जिले में घर वापसी, जात भीतर और भात भीतर जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं।



Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!