Jashpur Court Verdict | Father Gets Life Imprisonment for POCSO Crime

सगी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
जशपुरनगरजिला एवं सत्र न्यायालय ने अपनी सगी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने के दोषी पिता को पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में पुलिस की त्वरित जांच, मेडिकल साक्ष्यों और 20 गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
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एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पीड़िता की मां ने 2 मई को कांसाबेल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पारिवारिक विवाद के कारण वह तीन साल से मायके में रह रही थी। कुछ समय बाद आरोपी पिता बच्चों को अपने साथ गांव ले गया। इसी दौरान उसने बेटे की गैरमौजूदगी में अपनी नाबालिग बेटी से जबरन दुष्कर्म किया।

भाई को बताई आपबीती
पीड़िता ने अपने छोटे भाई को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पिता और बेटे के बीच विवाद हुआ, जिसमें बेटा घायल हो गया। अस्पताल में घायल बेटे और पीड़िता ने मां को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
20 गवाह और मेडिकल रिपोर्ट बने अहम साक्ष्य
कांसाबेल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, बयान दर्ज किए और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया। सुनवाई के दौरान मेडिकल रिपोर्ट, कपड़े और अन्य साक्ष्यों के साथ 20 गवाह पेश किए गए।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद
लोक अभियोजक और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश (POCSO) जनार्दन खरे ने (42) आरोपी पिता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में जशपुर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है और ऐसे मामलों में त्वरित जांच तथा दोषियों को कठोर सजा दिलाना प्राथमिकता है।




