छत्तीसगढ़

जांजगीर में ड्राइवर से गाली-गलौज और अफसरों पर टिप्पणी करने वाले कार्यपालन अभियंता निलंबित


छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में अधीनस्थ कर्मचारी से अभद्रता और वरिष्ठ अधिकारियों पर अशोभनीय टिप्पणी करना एक प्रशासनिक अधिकारी को भारी पड़ गया। …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 18 May 2026 02:14:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 18 May 2026 02:14:14 PM (IST)

जांजगीर में ड्राइवर से गाली-गलौज और अफसरों पर टिप्पणी करने वाले कार्यपालन अभियंता निलंबित
हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग जांजगीर

HighLights

  1. इंटरनेट मीडिया में आडियो प्रसारित
  2. ड्राइवर के साथ अभद्र व्यवहार
  3. वरिष्ठ अधिकारियों पर भी टिप्पणी

नईदुनिया न्यूज, जांजगीर-चांपा : इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए एक आडियो क्लिप के मामले में राज्य शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग जांजगीर में पदस्थ कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा अधीनस्थ वाहन चालक से अभद्र व्यवहार और वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपों के बाद की गई है। कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी जांजगीर-चांपा से प्राप्त प्रतिवेदन और जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

दरअसल 12 मई को कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह और उनके वाहन चालक शशिकांत साहू के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत का आडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो गया था। जिसमें ईई शशांक सिंह ड्राइवर से गाली गलौज करते हुए दंतेवाड़ा भेजने की धमकी दे रहे थे। साथ ही अकलतरा एसडीएम और कलेक्टर का जिक्र करते हुए अशोभनीय टिप्पणी करते सुनाई दिए। इसके बाद यह मामला सुर्खियों में आया और 13 मई को समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुआ।

मामले की जांच कराई गई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी जन्मेजय महोबे द्वारा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से पूरे मामले की जांच कराई गई जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि कार्यपालन अभियंता ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी से बातचीत के दौरान अत्यंत अमर्यादित एवं आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है। साथ ही जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति भी अशोभनीय टिप्पणी की है।

जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस घटना से प्रशासनिक व्यवस्था और जिले की छवि धूमिल हुई है। राज्य शासन ने इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत मानते हुए प्रथम दृष्टया कदाचार की श्रेणी में माना है। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, शिवनाथ भवन, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है।



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