छत्तीसगढ़

जांच के लिए बड़े अस्पतालों के नहीं लगाने होंगे चक्कर, रायपुर के गांवों में ही मिलेगी 64 तरह की जांच सुविधा, मोबाइल पर आएगी रिपोर्ट


नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। पंडरी स्थित जिला अस्पताल की हमर लैब में हर साल करीब चार लाख जांचें होती हैं। यहां हर दिन जांच कराने वाले मरीजों की भारी भीड़ लगती है। लेकिन अब रायपुर समेत पूरे प्रदेश के मरीजों को राहत मिलने वाली है।

राज्य सरकार अब हमर लैब की जगह हाईटेक अटल आरोग्य लैब शुरू करने जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार की कंपनी एचएलएल लाइफकेयर के साथ करार किया गया है।

बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे

नई व्यवस्था के बाद रायपुर के मरीजों को छोटी-मोटी जांच के लिए पंडरी या आंबेडकर जैसे बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दूर-दराज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 64 तरह की जांच सुविधाएं मिलने लगेंगी। वे अपने घर के पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही जांच करा सकेंगे और रिपोर्ट सीधे उनके मोबाइल पर आ जाएगी।

पैथोलॉजी से लेकर मालिक्यूलर जांच की सुविधा

मौजूदा व्यवस्था की बात करें तो रायपुर जिला अस्पताल की हमर लैब में अभी 120 तरह की जांचें निश्शुल्क होती हैं। नई योजना लागू होने के बाद जिला अस्पताल में जांच की संख्या बढ़कर 134 हो जाएगी।

इसके साथ ही रायपुर के सिविल अस्पतालों में 111, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 97 जांच सुविधाएं मिलने लगेंगी। पैथोलॉजी से लेकर मालिक्यूलर जांच तक की सुविधा अब एक ही सिस्टम से मिलेगी।

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हब एंड स्पोक मॉडल पर तैयार हो रहा सिस्टम

स्वास्थ्य विभाग इस पूरी व्यवस्था को हब एंड स्पोक मॉडल पर तैयार कर रहा है। इसके तहत रायपुर सहित पूरे प्रदेश के 1051 छोटे-बड़े सरकारी अस्पतालों को एक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। गांवों के 814 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीधे सैंपल कलेक्शन सेंटर बन जाएंगे।

इस पूरे नेटवर्क की निगरानी के लिए एक आधुनिक कमांड सेंटर और डैशबोर्ड भी बनेगा, जिससे अधिकारी सीधे देख सकेंगे कि मरीजों को रिपोर्ट समय पर मिल रही है या नहीं।

नई व्यवस्था को प्रदेश में अलग-अलग चरणों में लागू किया जा रहा है। मरीजों को आसानी से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, इसके लिए सभी स्तर पर अधिकारियों को लगातार माानिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

– संजीव झा, संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं



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