छत्तीसगढ़
HIV Patients Death: बड़ी लापरवाही केयर सपोर्ट सेंटर पर ताला, दो माह में 65 एचआईवी मरीजों ने तोड़ा दम


इस संवेदनशील मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि इन लाइफ सेविंग सेंटरों पर ताला लगाने के बाद शासन स्तर पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था तक तैयार नहीं की गई। इलाज, दवाओं और नियमित मॉनिटरिंग का पूरा ढांचा ध्यास्त होने से मरीजों की हालत लगातार जानलेवा हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी गहरी खामोशी से बैठे हुए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से हर एक संक्रमित मरीज की पूरी जानकारी और मेडिकल हिस्ट्री की लगातार ट्रैकिंग की जाती थी। किस मरीज की कौन सी जांच कब होनी है, कौन सा मरीज दूरी या किसी अन्य कारण से इलाज छोड़ रहा है, इसकी मॉनिटरिंग रोजाना होती थी।




