नर्रा: जोंक नदी उफनी, पुल पर 2 फीट पानी

नर्रा| क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश से जोंक नदी पूरे उफान पर है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वर्ष 2003 के बाद पहली बार इलाके में इतनी भीषण बाढ़ आई है। उफनती नदी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। नर्रा पुल के ऊपर करीब 2 फीट पानी बह रहा है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के खरियार रोड के बीच आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। सुबह काम पर गए दर्जनों मजदूर रास्ते में फंस गए। लोगों को मजबूरी में लंबा वैकल्पिक मार्ग लेना पड़ रहा है। नदी किनारे स्थित वन जांच नाका नर्रा चारों तरफ से पानी से घिर गया है। नाका टापू में बदल गया है। परिसर और बैरिकेडिंग जलमग्न हैं। नदी किनारे स्थित प्रसिद्ध शनि शिव मंदिर और शाकंभरी मंदिर परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद हो गई है। सीमावर्ती ग्राम परकोम में 2003 के बाद आई इस सबसे बड़ी बाढ़ से दहशत है। भीखम पटेल के घर में पानी घुस गया। परिवार को आनन-फानन में घर खाली करना पड़ा। अगरचंद पटेल का कच्चा मकान बारिश और बाढ़ के थपेड़ों में गिर गया। उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नर्रा पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाई गई है। आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों और यात्रियों से नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है। सतर्कता बरतने को कहा है।
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