छत्तीसगढ़

दुख को बदला मानवता की सबसे बड़ी सीख में, रायपुर के 30 वर्षीय डिजिटल क्रिएटर शुभम की मौत, माता-पिता ने कराया नेत्रदान


गोस्वामी साहू, रायपुर। बेटे की मौत के बाद अक्सर घरों में सन्नाटा और मातम रह जाता है, लेकिन रायपुर के एक माता-पिता ने अपने सबसे बड़े दुख को मानवता की सबसे बड़ी सीख में बदल दिया। भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने से 30 वर्षीय डिजिटल क्रिएटर शुभम पाणी की मौत हो गई, लेकिन अंतिम विदाई से पहले माता-पिता ने उसका नेत्रदान कर किसी और की जिंदगी में रोशनी भरने का फैसला लिया। जिस बेटे की आंखों में विदेश जाकर बड़ा नाम कमाने के सपने थे, आज वही आंखें किसी और को दुनिया दिखाएंगी। इकलौते बेटे को खोने का दर्द विजय पाणी और सपना पाणी की आवाज में साफ झलकता है, लेकिन उन्हें इस बात का सुकून भी है कि शुभम अब भी किसी न किसी रूप में जिंदा रहेगा। परिवार का यह फैसला अब लोगों के लिए संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल बन गया है।

विदेश जाने के सपने अधूरे, लेकिन आंखें दे गईं नई रोशनी

महाराजबंद तालाब, परशुराम नगर निवासी शुभम पाणी डिजिटल मार्केटिंग और वीडियो क्रिएशन के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे थे। उत्कल यूनिवर्सिटी से मार्केटिंग और एचआर में एमबीए के बाद उन्होंने डिजिटल कंटेंट को करियर बनाया। वे यूट्यूब पर व्लाग बनाते थे और स्थानीय कारोबारों के लिए प्रमोशनल वीडियो तैयार करते थे।

विदेश जाकर अपने काम को देना चाहते थे नई ऊंचाई

परिवार के मुताबिक शुभम विदेश जाकर अपने काम को नई ऊंचाई देना चाहते थे। लेकिन 24 मई को अचानक तेज सिरदर्द के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में डाक्टरों ने लू और पीलिया की पुष्टि की। 30 मई की रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद भी माता-पिता ने हिम्मत नहीं हारी और उसका नेत्रदान कराया।

रोते-रोते लिया फैसला, किसी और की आंखों में जिंदा रहेगा बेटा

इकलौते जवान बेटे की मौत ने परिवार को भीतर तक तोड़ दिया। घर में रखे कैमरे, अधूरे वीडियो और शुभम की यादें हर पल माता-पिता को रुला रही हैं। इसी गहरे दुख के बीच विजय पाणी और सपना पाणी ने तय किया कि बेटे की आंखें किसी और के जीवन में उजाला ला सकती हैं। उन्होंने तुरंत रामकृष्ण केयर हास्पिटल की टीम से संपर्क किया और नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कराई। पिता विजय पाणी कहते हैं कि बेटा भले ही अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी आंखों से कोई और इस दुनिया को देखेगा, यही हमारे लिए सबसे बड़ा सुकून है। परिवार के इस फैसले की लोग सराहना कर रहे हैं।

जीरो इनवेस्टमेंट से स्टार्टअप, खड़ी की खुद की डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी

शुभम पाणी ने 2021 में जीरो इन्वेस्टमेंट से स्टार्टअप शुरू किया था। मार्केटिंग और एचआर में एमबीए किया था। कंटेंट व डिजिटल मार्केटिंग का क्रैश कोर्स किया था। उसके बाद उन्होंने विज्ञापन कार्य शुरू किया। अपने संपर्क के लोगों को फ्री में पोस्टर बनाकर देना शुरू किया। शुरुआत में एक एडिट का 30 रुपये लेते थे। एक साल में उनकी आय 10 हजार रुपये तक पहुंच गई। इसके बाद क्लाइंट बढ़ते गए और 2022 में 10 हजार रुपये प्रतिमाह की आय होने लगी। गुजरात की एक कंपनी ने उन्हें एक लाख रुपये प्रतिमाह का आफर दिया, लेकिन वे नहीं गए। वर्ष 2025 तक उन्होंने खुद की डिजिटल मार्केटिंग कंपनी खड़ी कर दी थी। उनकी मासिक आय लाखों रुपये तक पहुंच गई थी।

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