छत्तीसगढ़

चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी कारोबारी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत, लेकिन छत्तीसगढ़ में प्रवेश पर लगी रोक


नई दुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में आरोपी कारोबारी अनवर ढेबर को सर्वोच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश पीठ से अंतरिम राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अनवर ढेबर को अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है।

हालांकि, देश की सबसे बड़ी अदालत ने आरोपी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जांच की गोपनीयता के संतुलन को ध्यान में रखते हुए उन पर कड़ी शर्तें भी लगाई हैं।

ढेबर को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं से बाहर रहना होगा

शीर्ष कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान अनवर ढेबर को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं से बाहर रहना होगा। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने जारी किया।

अनवर की ओर से देश के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, सिद्धार्थ दवे और शोएब आलम ने सुप्रीम कोर्ट में ढेबर का पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन हो रहा है और उन्हें राहत मिलनी चाहिए। उनके साथ एओआर साहिल शर्मा एवं अन्य अधिवक्ताओं ने पैरवी की।

राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता महेश जेठमलानी, छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता विवेक शर्मा तथा अतिरिक्त महाधिवक्ता रवि शर्मा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। राज्य शासन ने कोर्ट को अवगत कराया कि उनके पास मामले से जुड़ी कुछ गोपनीय जानकारियां हैं, जिन्हें वे कोर्ट के समक्ष रखना चाहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का संतुलित रुख और लगाई गई शर्तें

दोनों पक्षों की संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने निष्पक्षता और न्याय के सिद्धांतों का संतुलन बनाते हुए अंतरिम आदेश पारित किया। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि चूंकि राज्य सरकार कुछ गोपनीय गोपनीय दस्तावेजों व सूचनाओं पर भरोसा करना चाहती है। इसलिए उन्हें इसके लिए उचित और निष्पक्ष अवसर दिया जाना आवश्यक है।

दूसरी ओर, याचिकाकर्ता के व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का संतुलन बनाते हुए उन्हें निचली अदालत की संतुष्टि के अनुसार बेल बान्ड भरने पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने तय कीं ये कड़ी शर्तें

अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान याचिकाकर्ता अनवर ढेबर को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से बाहर रहना होगा। वे अपना चालू संपर्क नंबर और रहने के स्थान की जानकारी सक्षम प्राधिकारी को तुरंत देंगे। हालांकि, मामले के विचारण तथा अदालत की कार्यवाही में शामिल होने के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश करने की अनुमति होगी।

28 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मामले को अगली अंतिम सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। तब तक राज्य सरकार को अपने गोपनीय दस्तावेज जमा करने होंगे और अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा।

यह भी पढ़ें- Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी की सबसे बड़ी कार्रवाई, 1000 करोड़ से अधिक की संपत्तियां कुर्क



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