छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में महादेव से शराब घोटाले तक जांच तेज, भाजपा-कांग्रेस फिर भ्रष्टाचार पर आमने-सामने


महादेव, शराब, डीएमएफ और कोयला मामलों की जांच तेज होने से छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। भाजपा भ्रष्टाचार पर कार्रवाई बता रही, जबकि कांग्रेस राजनीतिक…और पढ़ें

Publish Date: Mon, 20 Jul 2026 10:24:59 AM (IST)Updated Date: Mon, 20 Jul 2026 10:24:59 AM (IST)

छत्तीसगढ़ में महादेव से शराब घोटाले तक जांच तेज, भाजपा-कांग्रेस फिर भ्रष्टाचार पर आमने-सामने
छत्तीसगढ़ में महादेव से शराब घोटाले तक जांच तेज। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. महादेव, शराब और डीएमएफ मामलों की जांच तेज हुई लगातार।
  2. भाजपा ने भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस नीति का दावा दोहराया है।
  3. कांग्रेस ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश की राजनीति का पारा महादेव सट्टा एप, शराब, डीएमएफ और कोयला परिवहन जैसे बहुचर्चित मामलों की जांच में आई तेजी ने बढ़ा दिया है। एक के बाद एक मामलों में जांच एजेंसियों की सक्रियता से सत्ता और विपक्ष दोनों की निगाहें आगामी घटनाक्रम पर टिकी हैं।

भाजपा जहां इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई बता रही है, वहीं कांग्रेस राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाकर सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर सवाल उठा रही है।

भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

  • भाजपा द्वारा दिल्ली के एक दागी नेता को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद अब कांग्रेस पर भी अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। शराब घोटाला मामले में जेल जा चुके वरिष्ठ आदिवासी नेता व विधायक कवासी लखमा और भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।

  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम किसी भी कथित घोटाले में सीधे तौर पर सामने नहीं आया है, लेकिन उनके पुत्र चैतन्य बघेल की आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तारी हो चुकी है। भाजपा इन मुद्दों पर कांग्रेस पर लगातार हमलावर है।
  • सत्ता पक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस बता रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस का आरोप है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया जा रहा है।
  • मानसून सत्र में भी सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष को घेरा था। भाजपा सदस्यों ने यह कहते हुए निशाना साधा कि भ्रष्टाचार के मामले में विपक्ष का कोई सदस्य जेल तो कोई बेल पर है।
  • राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि जांच की रफ्तार इसी तरह बनी रही तो आने वाले दिनों में प्रदेश की सियासत में और बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, जांच की बढ़ती गति ने सत्ता और विपक्ष दोनों के भीतर राजनीतिक बेचैनी बढ़ा दी है।
  • भ्रष्टाचार कॉग्रेस की उपलब्धि- कृषि मंत्री राम विचार नेताम

    कांग्रेस शासनकाल के पांच वर्षों की उपलब्धियों में भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं है। कोयला, शराब, डीएमएफ, पीएससी समेत कई घोटाले हुए। नीट परीक्षा को लेकर राजनीति की जा रही है। जो गड़बड़ियां हुई है, उसमें कार्रवाई भी हुई है। भविष्य में गड़बड़ी को रोकने सरकार चौकन्नी है। राज्य सरकार जीरो टालरेंस को लेकर काम कर रही है।

    भाजपा के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप- दीपक बैज, प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस

    भाजपा के करीब सभी मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई है। नीट मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर आरोप लगा है, लेकिन उन्हें कहां निष्कासित किया गया है। ऐसे ही प्रदेश में जितनी बड़ी-बड़ी आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, उसमें भाजपा के कार्यकर्ता शामिल हैं।

    ये खबर भी पढ़ें- महादेव सट्टा एप मामले में शेफाली बग्गा पर ED की कार्रवाई, 30 लाख नकद और दुबई-लंदन कनेक्शन की जांच



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