छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में एक पद पर दो अधिकारियों की कर दी पोस्टिंग, हाई कोर्ट ने कमिश्नर आदेश पर लगाई रोक


जनपद पंचायत रामानुजनगर, जिला सूरजपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर एक ही समय में दो अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर दायर याचिका पर छत्तीस…और पढ़ें

Publish Date: Tue, 08 Sep 2026 09:11:28 PM (IST)Updated Date: Tue, 08 Sep 2026 09:11:28 PM (IST)

छत्तीसगढ़ में एक पद पर दो अधिकारियों की कर दी पोस्टिंग, हाई कोर्ट ने कमिश्नर आदेश पर लगाई रोक
रामानुजनगर जनपद सीईओ की दोहरी पोस्टिंग पर HC की रोक

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जनपद पंचायत रामानुजनगर, जिला सूरजपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर एक ही समय में दो अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने कमिश्नर द्वारा 10 जुलाई 2026 को जारी आदेश के प्रभाव और संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है, जिसके तहत प्रतिवादी को जनपद पंचायत रामानुजनगर का सीईओ पदस्थ किया गया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अगली सुनवाई तक रामानुजनगर में कार्य करते रहने की अनुमति दी है।

याचिकाकर्ता आर.एस. सेंगर की ओर से अधिवक्ता सतीश गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 30 जून 2026 को जारी आदेश के माध्यम से उनका तबादला अंबिकापुर से जनपद पंचायत रामानुजनगर के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर किया था। राज्य सरकार के इस आदेश के बाद उन्हें अंबिकापुर से कार्यमुक्त भी कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने 17 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत रामानुजनगर में कार्यभार ग्रहण कर लिया।

राज्य सरकार के आदेश को प्रभावहीन करने की दलील

इसी बीच कमिश्नर ने 10 जुलाई 2026 को एक वेटनर डॉक्टर को रामानुजनगर जनपद पंचायत का सीईओ पदस्थ कर दिया। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि जब राज्य सरकार पहले ही उनका तबादला कर चुकी थी, उन्हें कार्यमुक्त किया जा चुका था और उन्होंने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार भी ग्रहण कर लिया था, तो कमिश्नर द्वारा उसी पद पर किसी दूसरे व्यक्ति की पोस्टिंग राज्य सरकार के आदेश को प्रभावहीन करने जैसी स्थिति पैदा करती है।

हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना मामला विचार योग्य

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से उपस्थित उप शासकीय अधिवक्ता अनुजा शर्मा को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। प्रतिवादी क्रमांक छह को भी प्रक्रिया शुल्क जमा होने के बाद नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को राज्य सरकार ने 30 जून को प्रभारी सीईओ के पद पर स्थानांतरित किया था और उन्होंने 17 अगस्त को वहां कार्यभार ग्रहण भी कर लिया। ऐसे में कमिश्नर द्वारा 10 जुलाई को उसी स्थान पर प्रतिवादी क्रमांक छह की पोस्टिंग किया जाना प्रथम दृष्टया विचारणीय है। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत 10 जुलाई 2026 के आदेश के प्रभाव और संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। साथ ही याचिकाकर्ता को जनपद पंचायत रामानुजनगर में कार्य करते रहने की अनुमति दी गई है। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

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