छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Monsoon Break | Rain Expected July 15-16


पिछले दिनों हुई बारिश के बाद सारंगढ़ जिले के माड़ोसिल्ली वाटरफॉल में काफी मात्रा में पानी भर गया है।

जुलाई को छत्तीसगढ़ में मानसून का सबसे सक्रिय दौर माना जाता है, लेकिन इस बार मानसून में ब्रेक लगने से पूरे प्रदेश में बारिश थम गई। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश नहीं हुई। वहीं 1 जून से अब तक प्रद

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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह स्थिति ‘ब्रेक मॉनसून’ की है। इसमें मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ जाते हैं और बारिश देने वाले सिस्टम राज्य से दूर चले जाते हैं। इसकी वजह से एक-दो दिन तक पूरे प्रदेश में बारिश लगभग रुक जाती है।

हालांकि राहत की खबर यह है कि कल यानी 15 और 16 जुलाई से बारिश की एक्टिविटी फिर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर से मणिपुर तक बनी हुई है। साथ ही बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के ऊपर एक साइक्लोन सर्कुलेशन भी एक्टिव है। दोनों सिस्टम के असर से छत्तीसगढ़ में 15-16 जुलाई से फिर भारी बारिश के आसार हैं।

जुलाई में सूखा असामान्य

जुलाई छत्तीसगढ़ में सामान्य तौर पर सबसे अधिक बारिश वाला महीना होता है। ऐसे में पूरे प्रदेश का एक दिन भी लगभग सूखा गुजरना सामान्य स्थिति नहीं मानी जाती। मौसम वैज्ञानिक इसे ब्रेक मॉनसून या मानसून के कमजोर पड़ने की स्थिति से जोड़ते हैं, जब ट्रफ लाइन और लो प्रेशर के सिस्टम राज्य से दूर चले जाते हैं।

इस दौरान एक-दो दिन तक पूरे प्रदेश में बारिश लगभग थम सकती है। इस साल भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। जून के आखिर में देशभर में बारिश का बड़ा घाटा था, जुलाई के पहले सप्ताह में सुधार हुआ, लेकिन अब मानसून फिर कमजोर पड़ गया है। इसका असर छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के राज्यों पर भी दिखाई दे रहा है।

रायपुर और बिलासपुर सबसे गर्म

प्रदेश में मंगलवार को सबसे अधिक 35.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रायपुर और बिलासपुर में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।

रायपुर का मौसम

रायपुर में आज (14 जुलाई) बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम तापमान 27°C के आसपास रहने का अनुमान है। अगले 24 घंटों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

आधे जिले बारिश की कमी से जूझ रहे

पिछले कुछ दिन हुई अच्छी बारिश के बाद छत्तीसगढ़ में मानसून की चाल धीमी पड़ गई है। 13 जुलाई तक प्रदेश में 26% कम बारिश हुई है। 32 में से 16 जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। IMD के आंकड़े बताते हैं प्रदेश के एक जिले में बहुत ज्यादा बारिश हुई है।

14 जिलों में बारिश सामान्य हुई है। जबकि 16 जिले बारिश की कमी जूझ रहे हैं। यानी प्रदेश के आधे जिले अभी भी सामान्य से कम बारिश झेल रहे हैं।

सबसे ज्यादा बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ में

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में में 462.5 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 265.7 मिमी होती है। यानी यहां 74% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। यह प्रदेश का इकलौता जिला है जो बहुत ज्यादा बारिश की श्रेणी में है।

मुंगेली भी सामान्य से काफी आगे

मुंगेली में 331.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 21% ज्यादा है। यह जिला अधिक बारिश की श्रेणी में शामिल है। वहीं बालोद (+4%), बलौदाबाजार (+9%), बलरामपुर (+6%), दंतेवाड़ा (+14%), दुर्ग (-4%), गरियाबंद (-4%), जांजगीर-चांपा (+13%) में बारिश सामान्य के आसपास बनी हुई है।

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (+11%), कोरबा (-14%), महासमुंद (+8%), नारायणपुर (-10%), रायपुर (+8%), राजनांदगांव (-13%), सक्ती (+11%), बिलासपुर (-19%) में भी ठीक-ठाक बारिश हुई है।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण है यह आंकड़ा

जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों की बुआई का सबसे अहम समय होता है। जिन जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम हुई है, वहां धान समेत दूसरी फसलों की बुआई और शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अच्छी बारिश होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी और किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।



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