छत्तीसगढ़

बिलासपुर राजस्व रिकार्ड में गड़बड़ी का फायदा उठाकर 34 साल बाद दलाल ने दूसरी बार बेच दी जमीन


बिलासपुर में राजस्व रिकार्ड की गड़बड़ी का फायदा उठाकर जमीन दलाल रमेश खत्री और मालिक संजय गवाली ने 34 साल पहले बेची जा चुकी जमीन (1992 की रजिस्ट्री) को…और पढ़ें

Publish Date: Tue, 04 Aug 2026 02:49:18 PM (IST)Updated Date: Tue, 04 Aug 2026 02:49:18 PM (IST)

बिलासपुर राजस्व रिकार्ड में गड़बड़ी का फायदा उठाकर 34 साल बाद दलाल ने दूसरी बार बेच दी जमीन
बिलासपुर तहसील कार्यालय

HighLights

  1. 1992 में खरीदी गई जमीन, 34 साल पुराना फर्जीवाड़ा।
  2. सीमांकन में पीड़ित महिला का कब्जा सही पाया गया।
  3. जबकि आरोपियों की रजिस्ट्री संदेहास्पद मिली।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: राजस्व रिकार्ड में गड़बड़ी का फायदा उठाकर 34 साल पहले बेची जा चुकी जमीन की दोबारा रजिस्ट्री कराने के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने जमीन दलाल और जमीन मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना एवं जालसाजी का अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। कोतवाली क्षेत्र के जूना बिलासपुर में रहने वाली शशि बाई रजक(50) गृहिणी हैं।

महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने 23 नवंबर 1992 को देवरीखुर्द स्थित 1,308 वर्गफुट जमीन को विजय, अजय और संजय गवाली से रजिस्ट्री कर खरीदी थी। तब से जमीन पर कब्जे में हैं। जमीन दलाल रमेश खत्री ने भूमि मालिक संजय गवाली और अन्य लोगों के साथ मिलकर 2021 में राजस्व रिकार्ड में हुई गड़बड़ी फायदा उठाया। उन्होंने खसरा नंबर 98/14 को 98/3 बताते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किया। इसके बाद उसी जमीन को बगल की जमीन मालिक के पास बेच दिया।

महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि सरस्वती बाई गवाली का निधन 1992 में हो चुका था, लेकिन 2021 में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर नामांतरण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराई गई। उन्होंने कहा कि जमीन पहले ही 1992 में वैध रूप से बेची जा चुकी थी, इसके बावजूद उसे दोबारा बेच दिया गया। पीड़ित ने अपनी शिकायत में राजस्व विभाग द्वारा किए गए सीमांकन और जांच का भी उल्लेख किया गया है। सीमांकन में शशि बाई की जमीन और कब्जे को सही पाया गया, जबकि विवादित रजिस्ट्री और नामांतरण को राजस्व अधिकारियों ने संदेहास्पद बताया।

शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि देवरीखुर्द के राजस्व रिकार्ड में एक ही भूमि की दोहरी प्रविष्टि होने के कारण इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई। शिकायत की जांच के बाद सिविल लाइन पुलिस ने रमेश खत्री और संजय गवाली के खिलाफ आइपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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खरीदार को भी थी धोखाधड़ी की जानकारी

पीड़ित महिला ने बताया कि उन्होंने जमीन को 1992 में खरीदा था। इसके बाद सुशीला बाई के पति ने वहां पर जमीन खरीदी। तब उनके जमीन की चौहद्दी में शशि बाई का नाम दर्ज था। सुशीला और उसके पति को जमीन के वास्तविक स्थिति के संबंध में जानकारी थी। वहीं, महिला ने बताया कि पूर्व जमीन मालिक अभी भीख मांगकर गुजारा करता है। जमीन दलाल ने उसकी वास्तविक स्थिति का फायदा उठाकर ठगी की है। उन्होंने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



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