छत्तीसगढ़

बिलासपुर में सरकारी राशन दुकान आवंटित कराने फूड इंस्पेक्टर ने मांगे रुपये, एसीबी ने किया गिरफ्तार


फूड इंस्पेक्टर ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान स्व सहायता समूह को आबंटित कराने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की थी। एसीबी ने रिश्वत की रकम बरामद कर आरो …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 21 Feb 2026 04:52:09 PM (IST)Updated Date: Sat, 21 Feb 2026 04:57:31 PM (IST)

बिलासपुर में  सरकारी राशन दुकान आवंटित कराने फूड इंस्पेक्टर ने मांगे रुपये, एसीबी ने किया गिरफ्तार
रिश्‍वत लेते पकड़ाया फूड इंस्पेक्टर।

HighLights

  1. एसीबी की टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
  2. शनिवार 21 फरवरी को शिकायतकर्ता को आरोपित को पैसे देने भेजा गया।
  3. तय योजना के अनुसार महेंद्र पटेल ने 90 हजार रुपये फूड इंस्पेक्टर को दिए।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसीबी की टीम ने शुक्रवार को ट्रैप कार्रवाई करते हुए मस्तूरी क्षेत्र के फूड इंस्पेक्टर को 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। फूड इंस्पेक्टर ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान स्व सहायता समूह को आबंटित कराने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की थी। एसीबी ने रिश्वत की रकम बरामद कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

डीएसपी एसीबी अजितेश सिंह ने बताया कि मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम विद्याडीह निवासी महेंद्र पटेल ने तीन फरवरी को एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि गांव की शासकीय उचित मूल्य की दुकान फिलहाल पंचायत के माध्यम से संचालित हो रही है। इस दुकान को शैल स्व सहायता समूह विद्याडीह को आबंटित करने के लिए लगभग तीन महीने पहले एसडीएम कार्यालय मस्तूरी में आवेदन दिया गया था।

समूह के पदाधिकारियों ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए महेंद्र पटेल को फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार से संपर्क करने कहा। जब महेंद्र पटेल ने फूड इंस्पेक्टर से मुलाकात की तो उन्होंने एसडीएम के समक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और दुकान आबंटन का आदेश जारी करवाने के बदले एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। महेंद्र पटेल रिश्वत देना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने इसकी शिकायत एसीबी से की।

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सत्यापन के बाद एसीबी ने बनाई ट्रेप योजना

एसीबी की टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। शनिवार 21 फरवरी को शिकायतकर्ता को आरोपित को पैसे देने भेजा गया। तय योजना के अनुसार महेंद्र पटेल ने 90 हजार रुपये फूड इंस्पेक्टर को दिए। जैसे ही आरोपित ने रकम ली, एसीबी की टीम ने तिफरा के महावीर सिटी स्थित उसके आवास पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की पूरी रकम जब्त कर ली।

इस साल की चौथी कार्रवाई

एसीबी ने आरोपित फूड इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा सात के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही उसके घर की तलाशी भी ली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष एसीबी बिलासपुर की यह लगातार चौथी ट्रैप कार्रवाई है। इससे पहले तहसीलदार, पटवारी, एसडीएम कार्यालय के बाबू और सीएसपीडीसीएल के अधिकारी-कर्मचारी को भी रिश्वत लेते पकड़ा जा चुका है।



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