छत्तीसगढ़

भूख-प्यास से बस्ती तक पहुंच रहे भालू:बालोद के पंडरदल्ली में दिखे दो जोड़े; वीडियो हुआ वायरल, वन विभाग ने कहा- पास न जाएं




बालोद जिले के दल्लीराजहरा नगर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों भालुओं की बढ़ती गतिविधियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पंडरदल्ली वार्ड-2 सहित राजहरा शहर के आसपास सुबह-शाम और रात के अंधेरे में दो से तीन भालू लगातार देखे जा रहे हैं। भोजन और पानी की तलाश में जंगल से निकलकर ये भालू रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। इनके आवागमन के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है, वहीं डीएफओ ने भी मौके का निरीक्षण कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पूर्व पार्षद सोमेश जायसवाल ने बताया कि बुधवार रात करीब 12 बजे चट्टा दफाई से गणेश चौक क्षेत्र तक दो भालू घूमते दिखाई दिए। इस दौरान उनका भालुओं से करीब 10 मीटर की दूरी पर आमना-सामना हो गया। अचानक सामने भालू आने से उन्होंने अपना वाहन रोक दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद दोनों भालू वापस जंगल की ओर लौट गए। स्थानीय लोगों के अनुसार भालू रात के समय घरों के बाहर रखे आम और खजूर भी खा रहे हैं। उनका मानना है कि जंगल में भोजन और पानी की कमी के कारण भालू बस्ती तक पहुंच रहे हैं और सुबह होने से पहले वापस लौट जाते हैं। इसी दौरान वे अक्सर रास्तों और मोहल्लों में नजर आ जाते हैं। पहले देखिए तस्वीरें भालू का जोड़ा घूमता दिख रहा – सोमेश पूर्व पार्षद सोमेश जायसवाल का कहना है कि घटना के समय मोहल्ले में सन्नाटा था। यदि दिन के समय भालू आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचते तो बच्चों और लोगों की मौजूदगी के कारण किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि क्षेत्र में दिख रहे भालू नर-मादा के जोड़े हो सकते हैं। जो माइंस क्षेत्र और आसपास की पहाड़ियों से बस्ती की ओर आ रहे हैं। कोकान माइंस से शिकारी बाबा रोड तक बंद है लाइट – सौरभ भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लूनिया ने बताया कि कोकान माइंस से शिकारी बाबा रोड होते हुए 256 चौक तक अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। पूरे मार्ग पर केवल एक लाइट जल रही है। उनका कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर जंगली जानवर आसानी से रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने बीएसपी प्रबंधन और विद्युत विभाग से बंद स्ट्रीट लाइटों को जल्द चालू कराने की मांग की है। प्राकृतिक जलस्त्रोत सूखने से हो रही समस्या स्थानीय जनप्रतिनिधियों और रहवासियों का कहना है कि जंगल के प्राकृतिक जलस्रोत सूखने और नालों में पानी बंद होने से वन्यजीवों के सामने संकट खड़ा हो गया है। पहले कोकान माइंस का अतिरिक्त पानी नाले में छोड़ा जाता था, जिससे जंगली जानवरों को पानी उपलब्ध हो जाता था। अब पानी सीधे डेमसाइड भेजे जाने के कारण नाला सूख गया है और भालू सहित अन्य वन्यजीव पानी और भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। बालोद डीएफओ ने किया स्थल निरीक्षण घटना की जानकारी मिलने पर डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने वार्ड-2 पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि जिस पहाड़ी क्षेत्र से भालू बस्ती में प्रवेश कर रहे हैं, वहां सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही वन विभाग की टीम नियमित गश्त करेगी। वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भालू दिखाई देने पर उसके पास न जाएं, भीड़ न लगाएं और फोटो या वीडियो बनाने के लिए नजदीक जाने की कोशिश न करें। किसी भी स्थिति में तत्काल वन विभाग या हेल्पलाइन 1926 पर सूचना दें।



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