छत्तीसगढ़

‘बारिश में बह गया विकास’…एक साल से बेखबर प्रशासन, प्रसूता को पीठ पर लाद कर डेढ़ किमी पैदल चली स्वास्थ्य कर्मी


जशपुर जिला के मनोरा ब्लॉक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एक मितानिन प्रसूता को अपने पीठ पर लादकर ले जा रही है। दरअलस, पिछ …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 05 Jul 2025 07:57:06 AM (IST)Updated Date: Sat, 05 Jul 2025 08:03:16 AM (IST)

'बारिश में बह गया विकास'...एक साल से बेखबर प्रशासन, प्रसूता को पीठ पर लाद कर डेढ़ किमी पैदल चली स्वास्थ्य कर्मी
प्रसूता को पीठ पर लाद कर ले जाती मितानिन

HighLights

  1. प्रसूता को पीठ पर लाद कर एंबुलेंस तक पहुंची मितानिन
  2. पिछले साल बारिश में टूटा था पुल, अब तक नहीं हुआ ठीक
  3. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल

नईदुनिया प्रतिनिधि,जशपुरनगरः टूटे पुल के कारण गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। उफनते हुए पहाड़ी नाले को पार कराने के लिए मितानिन ने प्रसूता को अपने पीठ में बांध लिया और डेढ़ किलोमीटर पैदल चली। घटना जिले के मनोरा ब्लॉक के गांव सतालुटोली की है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिले लेकर लोगों में प्रशासन और सरकार के खिलाफ रोष है।

naidunia_image

जानकारी के अनुसार, इस गांव में मंजिता बाई प्रसव के लिए अपने मायके आई हुई थी। प्रसूता के स्वजनों ने प्रसव के लिए उसे मनोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। लेकिन चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे प्रसव में कुछ दिन और लगने की बात कहते हुए घर वापस भेज दिया था।

naidunia_image

नाले का पुल क्षतिग्रस्त, घर तक नहीं पहुंचा एंबुलेंस

मंगलवार की रात को मंजिता बाई को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्वजनों ने सुरक्षित प्रसव के लिए मितानिन बिफनी बाई को इसकी सूचना दी। सूचना पर बिफनी बाई मंजिता के घर पहुंची और सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद प्रसूता को स्वास्थ्य जांच के लिए मनोरा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाना था। लेकिन मुख्य मार्ग से गांव तक पहुंचने वाली सड़क में पहाड़ी नाला का पुल का क्षतिग्रस्त था। इस कारण एंबुलेंस मंजिता बाई के घर तक नहीं पहुंच पाई।

naidunia_image

डेढ़ किमी पीठ पर लेकर गई मितानिन

प्रसूता की कमजोर स्थिति को देखते हुए मितानिन बिफनी बाई ने उसे अपने पीठ में लादकर एक चादर से बांध लिया और उसे इसी स्थिति में लेकर डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान मितानिन ने पूरी सावधानी के साथ उफनते हुए पहाड़ी नाले को पार किया। इस पूरे घटनाक्रम का स्थानीय रहवासियों ने विडियो बना लिया,जो इन दिनों इंटरनेट मिडिया में तेजी से बहु प्रसारित हो रहा है।

पिछले साल टूटा था पुल, अब तक सो रहा है प्रशासन

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि तहसील मुख्यालय मनोरा से गांव को जोड़ने वाली सड़क पिछले साल बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद इस पुल के निर्माण पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिससे यह स्थिति बनी। गांव वालों को इसके कारण आए दिन समस्याओं का सामान करना पड़ता है।

वहीं इस पूरे घटना को लेकर जशपुर सीएमएचओ, डॉ. जीएस जात्रा का कहना है कि मनोरा के बीएमओ ने प्रसूता का निरीक्षण किया था। मितानिन ने घर में प्रसूता का सुरक्षित प्रसव कराया। दूसरे दिन मितानिन ने पीठ में लाद कर एंबुलेंस तक प्रसूता को पहुंचाया। फिलहाल प्रसूता को उचित उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।



Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!