छत्तीसगढ़

अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, सरेंडर करने पर रोक, सीबीआई को नोटिस जारी कर मांगा जवाब


Jaggi Murder Case: रामअवतार जग्गी हत्याकांड में दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 23 Apr 2026 11:59:05 AM (IST)Updated Date: Thu, 23 Apr 2026 12:32:38 PM (IST)

जग्गी हत्याकांड: अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, सरेंडर करने पर रोक, सीबीआई को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है।

HighLights

  1. अमित जोगी की ओर से दो आदेशों को चुनौती दी गई है
  2. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अमित जोगी को सरेंडर से छूट दे दी है
  3. हाई कोर्ट ने 23 अप्रैल तक सरेंडर करने का आदेश दिया था

राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर। रामअवतार जग्गी हत्याकांड में दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। गुरुवार को जिस सरेंडर की डेडलाइन थी, उस पर कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है।

अमित जोगी की ओर से दो आदेशों को चुनौती दी गई है। पहला, जिसमें सीबीआई को अपील करने की अनुमति दी गई और दूसरा बिलासपुर हाई कोर्ट का वह फैसला, जिसमें उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

अब गेंद सीबीआई के पाले में

दोनों मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सरेंडर से छूट दे दी है और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब गेंद सीबीआई के पाले में है और आगे की सुनवाई में इस केस का रुख तय होगा। बिलासपुर हाई कोर्ट ने जोगी की उम्रकैद की सजा बरकरार रखते हुए उन्हें 23 अप्रैल तक सरेंडर करने का आदेश दिया था।

अमित जोगी ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग थी

पिछली सुनवाई के दौरान अमित जोगी ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। अमित जोगी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि हाई कोर्ट ने बिना उनका पक्ष सुने एक तरफा फैसला दिया है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अमित जोगी को भरोसा दिया था कि गिरफ्तारी से मिली संरक्षण की अवधि खत्म होने से पहले उनकी याचिका पर कोर्ट सुनवाई कर अपना फैसला देगा।

जग्गी की चार जून, 2003 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के तत्कालीन नेता रामअवतार जग्गी की चार जून, 2003 को रायपुर के मौदहापारा पुलिस थाने के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अमित जोगी सहित 29 अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया था। निचली अदालत ने पहले अमित जोगी को बरी कर दिया था, लेकिन बाद में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी

अमित जोगी ने हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। आज हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने हाई कोर्ट के उस आदेश पर स्टे (रोक) लगा दिया है, जिसमें अमित जोगी को दोषी ठहराया गया था। इस राहत के बाद अमित जोगी की गिरफ्तारी और सजा के क्रियान्वयन पर फिलहाल विराम लग गया है।

जोगी पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, जिसे संज्ञान में लेते हुए कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश जारी किया। प्रदेश की राजनीति में इस फैसले के दूरगामी परिणाम देखे जा रहे हैं। अमित जोगी के समर्थकों में खुशी की लहर है। वहीं जग्गी का परिवार अब सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहा है।



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