छत्तीसगढ़
आदिवासी के नाम जमीन खरीदकर गैर-आदिवासी नहीं कर सकेंगे कब्जा, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला


अपीलकर्ताओं ने तर्क दिया कि जमीन की रजिस्ट्री आदिवासी के नाम है, इसलिए राजस्व अधिकारी वास्तविक कब्जे की जांच नहीं कर सकते। हाई कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि रजिस्टर्ड दस्तावेज महत्वपूर्ण साक्ष्य है, लेकिन धारा 170-बी के तहत जांच पर पूर्ण रोक नहीं लगाता। पटवारी रिपोर्ट, गवाहों के बयान, मकान निर्माण, बिजली कनेक्शन और अन्य परिस्थितियों के आधार पर वास्तविक कब्जे की जांच की जा सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिजली कनेक्शन या संपत्ति कर भुगतान अपने आप स्वामित्व साबित नहीं करते, लेकिन जमीन के वास्तविक उपयोग और कब्जे की जांच में इन्हें देखा जा सकता है।




