छत्तीसगढ़
प्रमोशन विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सहायक प्राध्यापक को नजरअंदाज कर जूनियर को प्रोफेसर बनाया, रिव्यू के निर्देश


अधिवक्ता राहुल झा के माध्यम से उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि पिटीशनर ने प्रोफ़ेसर के पद पर प्रमोशन के लिए तय सभी जरूरी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरे किए। इसी बीच विभाग से 18 फरवरी 2025 को उन्हें बताया गया कि, साल 2011 की एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (एसीआर) में उनके खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी थीं। पिटीशनर को जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ अपना रिप्रेजेंटेशन जमा करने का निर्देश दिया गया। इस पर उन्होंने 21 फरवरी 2025 को अलग-अलग जवाब दिया, जिसमें यह भी बताया गया कि उन्हें गलत एंट्री के बारे में कभी नहीं बताया गया।




