68 विद्यालयों के 128 शिक्षकों के लिए दो दिवसीय डिजिटल शिक्षण प्रशिक्षण सम्पन्न।

जशपुर – साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), एजुकेशनल कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (EdCIL) एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जशपुर के संयुक्त तत्वावधान में जिले के तीन प्रशिक्षण केंद्रों—स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगीचा, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनोरा तथा शासकीय इंदिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पत्थलगांव में दो दिवसीय डिजिटल शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम आज सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पत्थलगांव श्री वेदानंद आर्य एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक पत्थलगांव जगन्नाथ पाढ़ी के द्वारा शिक्षकों को संबोधित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल एवं तकनीकी युग का है, इसलिए प्रत्येक शिक्षक का डिजिटल तकनीकों में दक्ष होना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षण संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जा सकती है। उन्होंने सभी प्रतिभागी शिक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का अपने विद्यालयों में प्रभावी ढंग से उपयोग करने का आह्वान किया।

इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के 68 विद्यालयों से कुल 128 शिक्षकों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना, स्मार्ट कक्षाओं के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक कौशल विकसित करना है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को एल जी क्रिएटबोर्ड के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके अंतर्गत इंटरैक्टिव डिजिटल फ्लैट पैनल के माध्यम से डिजिटल व्हाइटबोर्ड, मल्टी-टच सुविधा, स्क्रीन शेयरिंग, एनोटेशन, मल्टीमीडिया आधारित शिक्षण सामग्री के उपयोग तथा स्मार्ट कक्षा के प्रभावी संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके साथ ही GENEO डिजिटल लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग पर भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षकों को विषयवार डिजिटल कंटेंट, एनिमेटेड वीडियो, इंटरैक्टिव गतिविधियों, क्विज़, वर्कशीट तथा डिजिटल मूल्यांकन उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया गया, जिससे कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी, सहभागितापूर्ण एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाया जा सके।
प्रशिक्षण का संचालन एवं तकनीकी मार्गदर्शन उमेश कुमार, विश्वरूप मंडल, समरेश कुमार सिंह, मुकेश कर्मकार, वरुण मंडल एवं शिवम कुमार यादव द्वारा किया गया। प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को डिजिटल शिक्षण उपकरणों एवं ई-लर्निंग संसाधनों के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी तथा व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से जिले के शिक्षक डिजिटल शिक्षण तकनीकों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकेंगे, जिससे विद्यार्थियों के सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा विद्यालयों में तकनीक आधारित शिक्षण को नई दिशा मिलेगी।




