छत्तीसगढ़

45 दिनों के लिए पर्यटकों के प्रवेश पर पाबंदी


छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के लोकप्रिय पर्यटन केंद्र मिचनार हिल्स में तेंदुए और उसके दो शावकों की सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने…और पढ़ें

Publish Date: Wed, 26 Aug 2026 10:53:19 PM (IST)Updated Date: Wed, 26 Aug 2026 11:00:03 PM (IST)

मिचनार हिल्स में तेंदुए परिवार की सुरक्षा पर फोकस: 45 दिनों के लिए पर्यटकों के प्रवेश पर पाबंदी
मिचनार हिल्स में दिखा तेंदुआ शावक व उसे स्पॉट किए गए स्थान पर टीम। वन विभाग

HighLights

  1. मिचनार हिल्स में तेंदुए और शावकों की सुरक्षा शुरू
  2. ग्राम पंचायत और वन विभाग ने मिलकर यह निर्णय लिया
  3. की गई पर्यटन गतिविधियों को अगले 45 दिनों के लिए प्रतिबंधित किया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के अंतर्गत जगदलपुर जिले के लोहंडीगुड़ा ब्लॉक स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थल मिचनार हिल्स (घाटी) में पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव प्रेम की मिसाल देखने को मिली है। यहां की प्राकृतिक वादियों में एक मादा तेंदुआ और उसके दो छोटे शावकों की सुरक्षित उपस्थिति दर्ज की गई है।

इन वन्यजीवों की स्वतंत्रता, सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास में किसी भी प्रकार के मानवीय खलल को रोकने के लिए जिला प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय ग्राम पंचायत ने मिलकर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके तहत अगले 45 दिनों तक मिचनार हिल्स क्षेत्र में सभी प्रकार की पर्यटन गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

ग्राम पंचायत और वन विभाग का संयुक्त निर्णय

ग्राम पंचायत गंवर छापर मिचनार के अंतर्गत आने वाली इस पहाड़ी पर तीन दिन पहले तेंदुए और उसके शावकों को देखा गया था। वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पंचायत और वन विभाग ने तुरंत आपात बैठक कर यह कदम उठाया। मंगलवार से ही मिचनार घाटी की पहाड़ी तक जाने वाले सभी मुख्य मार्गों को आगामी आदेश तक बंद कर दिया गया है।

50 किलोमीटर में फैली है घाटी

सरपंच जोगाराम पोयाम ने जानकारी देते हुए बताया कि मिचनार घाटी लगभग 50 किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैली हुई है, जो बास्तानार से लेकर बारसूर और हर्राकोडर तक विस्तृत है। यह क्षेत्र जैव विविधता और समृद्ध वन्यजीवों के लिए जाना जाता है।

पर्यटकों की भीड़ से दूर अब लौटेगी प्राकृतिक शांति

सामान्य दिनों में मिचनार हिल्स में प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती थी, लेकिन वर्तमान में इस प्रतिबंध के चलते यहाँ पूरी तरह सूनापन और शांति छा गई है। स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों को सुरक्षित रहवास उपलब्ध कराना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है और वे इसके लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।

पर्यटकों और नागरिकों के लिए उपयोगी निर्देश व सावधानियां

यात्रा स्थगित करें: अगले 45 दिनों तक पर्यटक मिचनार हिल्स जाने का कार्यक्रम बिल्कुल न बनाएं और प्रशासनिक आदेशों का पूर्ण पालन करें।

वन्यजीव सुरक्षा का सम्मान करें: यदि स्थानीय स्तर पर कहीं भी वन्यजीवों की आवाजाही दिखे, तो उन्हें परेशान न करें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें।

सुरक्षित दूरी बनाए रखें: वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप कानूनन अपराध है और यह पशुओं की सुरक्षा के लिए भी खतरनाक हो सकता है।



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