छत्तीसगढ़

उद्यानिकी विभाग में वर्मी कम्पोस्ट खरीदी में गोलमाल:2,000 रुपए का सामान 16,500 में खरीदा, तीन कंपनी बनाकर खेल




धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत वर्ष 2025-26 के लिए 10 करोड़ रुपए का आवंटन हुआ। इसमें से 2.52 करोड़ रुपए की पहली किस्त विभाग को मिली। इससे 15 जिलों में वर्मी कंपोस्ट की खरीदी प्रक्रिया की गई। टेंडर में ऐसी शर्तें रखी गई कि एक ही मालिक की तीन कंपनियां भाग ले पाईं। गड़बड़ी को देखते हुए 7 जिलों ने टेंडर रद्द कर दिया। 8 जिलों में 1030 वर्मी कंपोस्ट खरीदने के लिए प्रक्रिया हुई। इन जिलों में 2 हजार रुपए के वर्मी बेड को 16500 रुपए में खरीदने का वर्क आर्डर हो गया। दो जिलों में कंपनी ने आनन फानन में सामान भी खरीद लिया। जैसे ही यह मामला पकड़ में आया तो संचालक ने खरीदी पर रोक लगा दी है। भास्कर ने जब इस मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि 8 जिलों में 1.70 करोड़ रुपए की खरीदी होने वाली थी। एक गुजराती कंपनी ने ही तीन फर्म बनाकर फर्जी पते लगाकर टेंडर में भाग लिया। जेम पर केंचुआ तक लेने जा रहे थे: मामला पकड़े जाने के बाद अफसरों ने यह कहना शुरू कर दिया कि 16500 रुपए एक ईकाई का है। जिसमें 2 वर्मी बेड, 10 किलो केंचुआ, 2 नग कवर और 100 वर्ग फीट शेड नेट का है। जब इस मामले की जानकारों से बात की तो उनका कहना था कि अगर यह एक ईकाई तो भी 10 हजार से अधिक खर्च नहीं होगा। वैसे भी केंचुआ जेम पर बेचा नहीं जाता है। टेंडर भी केवल वर्मी कंपोस्ट के नाम से ही किया गया था। सूत्रों की मानें तो यह एक पुराने व्यापारी का खेल हैं। जिस पर ईडी की रेट भी पड़ चुकी है। 8 जिलों में होने वाली थी खरीदी: बलरामपुर {जशपुर {महासमुंद {धमतरी {खैरागढ़ {मोहला मानपुर {कांकेर {सुकमा गरियाबंद ने टेंडर खोलकर किया रद्द: नारायणपुर, बीजापुर जैसे जिलों ने जब टेंडर की शर्तें देखीं तो उन्हें कंपनी का पूरा खेल समझ आ गया। उन्होंने भाग लेने वाली तीनों कंपनियों के दस्तावेजों को खंगाला तो सामान एक ही कंपनी का पाया गया। इसको देखते हुए उन्होंने टेंडर रद कर दिया। गरियाबंद में टेंडर खोलने के बाद जब उन्हें यह गड़बड़ी पकड़ में आई तो उन्होंने भी रद कर दिया। इसकी शिकायतें संचालनालय में हुई तो संचालक ने आठों जिलों की खरीदी पर पहले ही जांच बैठा दी है। उसके बाद भुगतान करने का आदेश दिया है। लेकिन बलरामपुर और जशपुर में सामान खरीद लिया गया है। दोनों जिलों में 18-18 लाख रुपए का बिल लगाया है। जानिए…पूरा मामला वर्मी कंपोस्ट के लिए 8 जिलों में टेंडर निकाला गया। सभी जिलों में तीन ही कंपनियों ने पार्टिसिपेट किया। एआर इंटरप्राइजेज, आर्मी इंफोटेक, विश कंप्यूटर्स। सुकमा में एआर ने 16500 रुपए का न्यूनतम रेट भरकर टेंडर ले लिया। जबकि आर्मी इंफोटेक ने 18,500 वहीं विश कंप्यूटर्स ने 20,000 रुपए रेट डाला। वर्मी बेड को जेम पोर्टल में ही जांचा गया तो वह 1500 से 2000 रुपए में मिल रहे थे। शिकायत के बाद खरीदी रोकी गई
वर्मी कंपोस्ट के लिए 2.52 करोड़ रुपए मिले थे। जिससे जिलों में खरीदी की जा रही थी। लेकिन शिकायतें मिलने के बाद खरीदी को रोक दिया गया है। मामले की जांच करने के बाद ही खरीदी होगी। अगर गड़बड़ी पाई गई तो अफसरों पर कार्रवाई होगी। -लोकेश चंद्राकर, संचालक, उद्यानिकी विभाग



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