ट्यूशन जाने निकले बच्चे ट्रेन से पहुंचे डोंगरगढ़, अपहरण की आशंका से मचा हड़कंप

नईदुनिया न्यूज, उतई। उतई के डूमरडीह वार्ड क्रमांक-19 में शुक्रवार सुबह दो स्कूली बच्चों के अपहरण अथवा बच्चा चोरी की आशंका से स्वजन, पुलिस सहित ग्रामीण देर शाम तक परेशान रहे। दरअसल घर से ट्यूशन जाने के लिए निकले दो बच्चे घूमने के इरादे से दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंच गए और वहां मुंबई जाने के लिए खड़ी शालीमार ट्रेन के एसी कोच में चढ़कर बैठ गए।
डोंगरगढ़ में टीटी की नजर पड़ी
ट्रेन के डोंगरगढ़ पहुंचते ही एसी कोच में बैठे दोनों बच्चों पर टीटी की नजर पड़ी। पूछताछ के बाद टीटी ने उन्हें स्टेशन पर उतारकर आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया।
अपहरण की आशंका से मचा हड़कंप
उतई के वार्ड क्रमांक-19 डूमरडीह में रहने वाले 10 और 12 वर्षीय दो बालकों के घर से सुबह निकलने के बाद वापस नहीं लौटने पर परिजनों में हड़कंप मच गया। बच्चे सुबह करीब आठ बजे निकले थे और 11 बजे तक घर नहीं लौटे।
पुलिस ने शुरू की खोजबीन
स्वजनों ने आसपास खोजबीन की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर उतई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी महेश कुमार ध्रुव ने तत्काल जांच शुरू की और जिले भर के थानों को सूचना दी गई।
डोंगरगढ़ में मिले बच्चे
दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस को सूचना मिली कि दोनों बच्चे डोंगरगढ़ में आरपीएफ के पास हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पूछताछ में पहले बच्चों ने अपहरण की कहानी बताई, लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि वे अपनी मर्जी से घूमने निकले थे।
सकुशल लौटे बच्चे
पुलिस देर शाम दोनों बच्चों को डोंगरगढ़ से उतई लेकर पहुंची और उन्हें उनके स्वजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चों के सुरक्षित लौटने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
संदेह होने पर टीटी ने उतारा
शालीमार ट्रेन के एसी कोच में बैठे बच्चों पर नजर पड़ते ही टीटी को संदेह हुआ। बच्चों के पास टिकट नहीं था और उनके साथ कोई बड़ा व्यक्ति भी नहीं था। पूछताछ में बच्चे गुमराह करने लगे, जिस पर टीटी ने उन्हें डोंगरगढ़ में आरपीएफ को सौंप दिया।



