छत्तीसगढ़

तिहरे हत्याकांड के कैदी ने पत्थर से कुचलकर पॉक्सो एक्ट के बंदी को उतारा मौत के घाट


बिलासपुर केंद्रीय जेल में मंगलवार सुबह तिहरे हत्याकांड के सजायाफ्ता कैदी राजेश राय ने पॉक्सो एक्ट के विचाराधीन बंदी नीलू जगत (निवासी दवनपुर, कोटा) के …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 03:58:15 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 03:58:15 PM (IST)

बिलासपुर जेल में खूनी वारदात: तिहरे हत्याकांड के कैदी ने पत्थर से कुचलकर पॉक्सो एक्ट के बंदी को उतारा मौत के घाट
सिम्स चिर घर के सामने मौजूद स्जन।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। तीहरे हत्याकांट के मामले में 17 साल से जेल में बंद युवक ने पाक्सो एक्ट के मामले में दो साल से जेल में बंद विचाराधीन बंदी के सिर पर पत्थर से कई बार वार किया। इससे गंभीर रूप से घायल बंदी को सिम्स पहुंचाया गया। सिम्स में बंदी की मौत हो गई। जेल में हुई इस हत्या की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी गई है। अब पुलिस शव का पीएम कराने कार्रवाई में जुट गई है।

कोटा क्षेत्र के दवनपुर में रहने वाला नीलू जगत पाक्सो एक्ट के मामले में 2024 से बंद था। उसे जेल के ई वन बैरक में रखा गया था। मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे जेल के बंदी और कैदी बैरक में ही लूडो खेल रहे थे। पास में ही नीलू लेटा हुआ था। इसी दौरान जेल में तीहरे हत्या के मामले में सजा काट रहा कैदी राजेश राय वहां पर आया।

उसने हाथ में रखे पत्थर से नीलू के सिर पर कई बार वार किया। जब तक अन्य कैदी कुछ समझ पाते नीलू गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहां मौजूद कैदियों ने किसी तरह बीच-बचाव करते हुए घटना की जानकारी जेल प्रबंधन को दी। जेल प्रबंधन ने आनन-फानन में घायल नीलू को सिम्स पहुंचाया। सिम्स में इलाज के दौरान नीलू की दोपहर 12 बजे मौत हो गई। घटना की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी गई है। साथ ही नीलू के स्वजन को इसकी जानकारी दे दी गई है।

जेल में चल रहा था दोनों का इलाज

जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि राजेश को 2011 से मानसिक समस्या थी। इसके कारण उसका इलाज चल रहा था। वहीं, नीलू को मिर्गी की समस्या थी। उसका भी जेल में ही इलाज चल रहा था। इसके कारण दोनों को एक ही बैरक में रखा गया था। इसके अलावा उसी बैरक में कुछ और बंदियों का भी इलाज चल रहा है। सबको जेल प्रबंधन और डाक्टरों की निगरानी में एक साथ दवा दी जाती थी। इसके कारण ऐसे बंदियों को एक ही बैरक में रखा गया था।

तीन पहले सजा माफी का आवेदन हुआ है खारिज

आरोपित राजेश राय और उसके पिता हरि राय हत्या के मामले सजा काट रहे हैं। राजेश के एक भाई को एक साल पहले सजा माफी मिली है। राजेश ने भी सजा माफी के लिए आवेदन किया था। राज्य सरकार की ओर से तीन दिन पहले ही उसके आवेदन को खारिज कर दिया गया। इसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है। अब जेल प्रबंधन और पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश में है कि उसने जेल में नीलू को ही निशाना क्यों बनाया।



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