छत्तीसगढ़
सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं, CISF कांस्टेबल की वेतन कटौती पर हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला


बता दें कि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक दी गई सजा स्पष्ट रूप से असंगत, मनमानी या अत्यधिक कठोर न हो, तब तक उसे बदलने का आधार नहीं बनता। अदालत ने माना कि अर्द्धसैनिक बल जैसे अनुशासित संगठन में सोशल मीडिया पर इस प्रकार की गतिविधियां गंभीर अनुशासनहीनता मानी जाती हैं। इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने विभागीय कार्रवाई को वैध ठहराते हुए कांस्टेबल की याचिका खारिज कर दी और वेतन कटौती की सजा को बरकरार रखा। यह फैसला सुरक्षा बलों के कर्मियों द्वारा सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और सेवा अनुशासन के महत्व को रेखांकित करता है।




