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सोने-चांदी के गहनों का झांसा देकर किसान से छह लाख रुपये ठगे, वर्दीधारी ने जब्त करने की कहानी बनाई

बिलासपुर के बेलगहना चौकी क्षेत्र में सस्ते में सोने-चांदी के गहने दिलाने का झांसा देकर छह लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। जालसाजों ने किसान को पहले सोने-चांदी से भरा घड़ा दिखाकर छह लाख रुपये लिए। इसके बाद जब वह बंद घड़े को लेकर अपने घर जा रहा था, रास्ते में पुलिस की वर्दी पहने उनके ही साथियों ने चेकिंग के नाम पर घड़ा जब्त कर लिया। मामला तब खुला जब एक वर्दी वाले को पीड़ित ने मुंगेली कलेक्टोरेट के सामने चाय पीते हुए देखकर पूछताछ की। इसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। अब पीड़ित की शिकायत पर पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मुंगेली जिले के सेतगंगा क्षेत्र अंतर्गत गाड़ाघाट निवासी विष्णु बघेल (47) ने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त को तखतपुर बकरी बाजार के पास उसकी मुलाकात परिचित पालन भास्कर से हुई। पालन ने बताया कि उसके परिचित यादव के पास सोने-चांदी से भरा घड़ा है। 30 अगस्त को वह भांजे धनेश पात्रे के साथ पालन और संजय पनिक के साथ कुरदर के पास यादव के घर पहुंचा। वहां उसे गहने दिखाए गए और 12 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। छह लाख रुपये 31 अगस्त को और बाकी रकम माल मिलने के सप्ताहभर बाद देने की बात हुई।

शिकायत के मुताबिक 31 अगस्त की रात विष्णु और उसका भांजा कार से छह लाख रुपये लेकर कुरदर पहुंचे। वहां पालन, पसउ बैगा और संजय पनिक मिले। रात करीब 11 बजे विष्णु ने पालन को छह लाख रुपये दे दिए। इसके बाद गहनों की पूजा-पाठ के बाद हिस्सेदारी करने की बात कही गई। सभी लोग कार के पास पहुंचे और पालन गहनों से भरी बोरी लेकर आया। इसके बाद वे अपने गांव लौट रहे थे।

सेमरिया के पास दो वर्दीधारी पुलिसकर्मियों ने कार रुकवाकर जांच की। इनमें तीन स्टार लगा एक व्यक्ति भी था। सभी की तलाशी लेने और मोबाइल से फोटो खींचने के बाद उन्हें जाने दिया गया। कुछ दूरी आगे पालन ने तबीयत खराब होने और पसउ ने मोबाइल गुम होने की बात कही। बाद में आरोपितों ने बताया कि सेमरिया मोड़ पर पुलिस ने गहनों की बोरी जब्त कर ली है। इसके बाद वे रास्ते में ही गायब हो गए और मोबाइल बंद कर लिए। शिकायत पर पुलिस ने पालन भास्कर, संजय पनिक, पसउ बैगा, बलराम यादव, लोकेश राजपुत समेत अन्य के खिलाफ धारा 318(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।

आरोपितों के अचानक गायब होने के बाद विष्णु ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन करीब दो दिन तक मोबाइल बंद मिले। तीसरे दिन पालन से बात हुई तो शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने कहा कि गहने पुलिस ने जब्त कर लिए हैं और अब न तो गहने मिलेंगे और न ही रुपये वापस होंगे। इसके बाद विष्णु ने अपने रिश्तेदार संतोष भास्कर को पूरी घटना बताई।

दोनों कुरदर स्थित उस व्यक्ति के घर पहुंचे, जिसने अपना नाम बलराम यादव बताया। इस दौरान पालन तखतपुर स्थित अपने बताए पते पर भी नहीं मिला, जबकि पसउ बैगा का मोबाइल लगातार बंद था। बाद में छह लाख रुपये वापस करने की बात कहने पर विष्णु ने कुछ समय तक पुलिस में शिकायत नहीं की।

मामले में कहानी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा छह सितंबर को सामने आया। शिकायतकर्ता के अनुसार मुंगेली कलेक्टर कार्यालय के पास चाय दुकान के सामने उसे वही व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे उसने 31 अगस्त की रात सेमरिया के पास जांच करने वाले दो वर्दीधारियों में शामिल बताया। विष्णु का कहना है कि उसने उसे तुरंत पहचान लिया। उस समय उसके साथ संतोष भास्कर और धनेश पात्रे भी मौजूद थे। परिचितों से पूछताछ करने पर उस व्यक्ति का नाम लोकेश राजपुत बताया गया, जो मुंगेली का निवासी है। शिकायतकर्ता ने इसी आधार पर लोकेश समेत अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि छह लाख रुपये लेने के बाद जिस घड़े में सोने-चांदी के गहने होने का दावा किया गया था, वह भी कथित तौर पर रास्ते में गायब हो गया। आरोपितों ने इसके लिए पुलिस जांच और गहने जब्त होने की कहानी बताई। इसके बाद सभी के मोबाइल बंद हो गए। शिकायतकर्ता ने जब संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचकर जानकारी ली तो अलग कहानी सामने आई। अब पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। जांच में यह स्पष्ट होगा कि वास्तव में कोई गहने थे भी या पूरी कहानी छह लाख रुपये ऐंठने के लिए रची गई थी।

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