स्कूल पहुंचा था समय से पहले, अकेले खेल रहे तरुण की झूले की रस्सी में गला फंसने से गई जान

महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के मुड़ीडीह शासकीय प्राथमिक स्कूल में शुक्रवार सुबह करीब 9: 30 से 10 बजे के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें चौथी कक्षा के छात्र तरुण चौहान (10) की झूले की रस्सी में गला फंसने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि छात्र तरुण चौहान समय से पहले स्कूल पहुंचा था और वह रस्सी के झूले में खेल रहा था, तभी उसका गला रस्सी में फंस गया।
घटना के समय स्कूल परिसर में कोई शिक्षक या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। स्कूल परिसर में एक पेड़ पर रस्सी बंधी हुई थी, जिस पर बच्चे झूला झूलने के साथ उल्टा लटककर भी खेलते थे। इसी दौरान तरुण का गला रस्सी में फंस गया।
कुछ महिलाएं स्कूल परिसर पहुंचीं तो उन्होंने बच्चे को रस्सी से लटका देखा। उन्होंने उसे नीचे उतारने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर भंवरपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के बाद परिवार में मातम है।
भंवरपुर चौकी प्रभारी अनंजना चंद्रा ने बताया कि घटना सुबह की है। छात्र जब खेल रहा था, उस समय स्कूल में कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान खेलते हुए रस्सी उसके गले में फंस गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन ने स्कूल के प्रधानपाठक रघुनाथ चौधरी और सहायक शिक्षक (एलबी) गुणितराम चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जांच में दोनों शिक्षक दोषी पाए गए हैं।
यह घटना शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। घटना के समय स्कूल में शिक्षकों की अनुपस्थिति ने हादसे को अंजाम दिया। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषी शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, लेकिन बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी।
इस तरह की और भी खबरें सामने आ रही हैं। रायपुर में 8वीं की छात्रा आकांक्षा सेन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह छत्तीसगढ़ नगर स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर में पढ़ती थी। बच्ची के खिलाफ दूसरे बच्चों ने एक टीचर को अपशब्द कहे जाने की शिकायत की थी, जिसके बाद बच्ची के पैरेंट्स को स्कूल बुलाया गया था।




