छत्तीसगढ़
स्कूलों में मंत्रोच्चार विवाद पर याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बोला- आदेश लागू होने का कोई ठोस सबूत नहीं


फिलहाल इस फैसले के बाद राज्य शासन को राहत मिली है और स्कूलों में मंत्रोच्चार को लेकर कानूनी चुनौती तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गई है। हालांकि, यह मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि भविष्य में किसी भी प्रकार के प्रमाण सामने आने पर यह फिर से न्यायालय के समक्ष उठ सकता है। यह मामला शिक्षा व्यवस्था, धार्मिक प्रथाओं और संवैधानिक प्रावधानों के बीच संतुलन को लेकर जारी बहस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।


